बड़गो गांव में लोगों से पूछताछ करते पुलिस अधिकारी।
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विधानसभा चुनाव की रंजिश को लेकर धनघटा क्षेत्र के बड़गो- बंसवारी गांव के लोग सोमवार को होली जुलूस के दौरान भिड़ गए। दोनों ओर से हुए पथराव में 13 लोग घायल हो गए। इस दौरान एक महिला की झोपड़ी भी फूंक दी गई। इस मामले में एक गांव के प्रधान और दूसरे गांव की प्रधान के पति समेत 21 लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट, आगजनी, छेड़खानी और एससी/ एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। तनाव के मद्देनजर मौके पर पुलिस बल तैनात कर दी गई है। वहीं मंगलवार को भी गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
पुरातन परंपरा के अनुसार, बड़गो व बंसवारी गांव के लोग एक दूसरे को मुबारकबाद देते हैं। सोमवार को भी करीब दो बजे बंसवारी गांव के प्रधान के पति ओमप्रकाश राय साथियों के साथ होली का जुलूस निकालते हुए बड़गो गांव पहुंचे। ओमप्रकाश का आरोप है कि जब वह दलित बस्ती में पहुंचे, उसी समय बड़गो के प्रधान हरिशंकर राय पहुंचे और उन्हें व उनके गांव के लोगों को विधानसभा चुनाव की खुन्नस को लेकर अपशब्द कहने लगे। मना करने पर वह और उनके साथ के लोग मारने पीटने लगे। इसी दौरान एक महिला ने अपने छप्पर में आग लगा दी।
ओमप्रकाश राय के अनुसार इस घटना में उनके अलावा त्रिशूलधारी राय, राकेश राय, मोनू राय, रविराय और दो अन्य लोग घायल हुए है। जबकि दूसरे पक्ष के प्रधान हरिशंकर राय व रामशंकर का आरोप था कि बंसवारी गांव के लोग चुनाव की जीत का जश्र मना रहे थे। इस दौरान उनके गांव में पहुंच कर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने लगे। जब उन्होंने मना किया तो उन्होंने लालमति के छप्पर में आग लगा दी। उसके बार्द इंट पत्थर चलाते हुए अपने गांव के तमाम लोगों को बुला लिया। इस घटना में गांव की सुनीता, रामशंकर, रामबृक्ष, यशवंत और लालमति समेत आठ लोग घायल हो गए। सूचना पर पुलिस पहुंची तब जाकर जान बची।
एसओ ईश्वरचंद्र प्रधान ने बताया कि रामशंकर की तहरीर पर ओमप्रकाश राय समेत 11 लोगों पर आगजनी, छेड़छाड़, दलित उत्पीड़न समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जबकि ओमप्रकाश राय की तहरीर से बड़गो के प्रधान हरिशंकर राय समेत दस लोगों पर बलवा, मारपीट, जानमाल की धमकी का मुकदमा दर्ज किया गया। एसओ ने आगे बताया कि रामतेज ने भी प्रधान हरिशंकर राय पर एससी.एसटी एक्ट का केस दर्ज कराया है। मौके पर शांति व्यवस्था के लिए पुलिस कर्मियों को