2011 के बाद से अब हुई शिक्षकों की नियुक्तियों की अधिकांश फाइलें गायब हैं। डीएम द्वारा कराई गई जांच में यह मामला सामने आया है। डीएम के निर्देश के बाद वर्तमान पटल लिपिक राजकुमार पांडेय की तहरीर पर पूर्व बीएसए गजराज यादव और पूर्व पटल लिपिक राकेश मणि त्रिपाठी के खिलाफ सरकारी पत्रावली गायब करने के मामले में गबन का केस दर्ज कर लिया गया है।
डीएम मारकंडेय शाही ने बताया कि आईजीआरएस के पोर्टल पर तमाम शिकायतें प्राप्त हुईं थी कि 2011 से लेकर अब तक जिले में बेसिक शिक्षा विभाग में जो शिक्षकों की नियुक्तियों हुई हैं, उसमें तमाम फर्जी शिक्षक शामिल हैं। मामले की जांच डायट प्राचार्य और प्रभारी बीएसए प्रफुल्ल त्रिपाठी से कराई गई। जांच में अधिकांश फाइलें गायब मिलीं। वहीं तत्कालीन पटल सहायक राकेश मणि त्रिपाठी ने पत्रावलियों को उपलब्ध नहीं कराया गया।
जांच टीम के अधिकारियों ने राकेश मणि त्रिपाठी के जरिए बताया गया कि शिक्षकों की नियुक्तियों की पत्रावलियों को पूर्व बीएसए गजराज यादव को दे दी थी। जबकि कस्टोडियन पटल सहायक होने की वजह से उनकी जिम्मेदारी बनती थी कि वह फाइलों का रखरखाव करते, लेकिन उन्होंने ने ऐसा नहीं किया। कोतवाल ईश्वरचंद्र प्रधान ने बताया कि पूर्व बीएसए गजराज यादव और लिपिक राकेश मणि त्रिपाठी के खिलाफ गबन का केस दर्ज कर लिया गया है। पूर्व आरोपी बीएसए गजराज यादव घूसखोरी के मामले में जेल में बंद हैं।