पीएम हाउस पर मृतक के रोते बिलखते परिजन।
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धनघटा। महुली क्षेत्र के निबियहवा पोखरे के पास हुए हादसे में दो युवकों की मौत के बाद दोनों गांवों में कोहराम मच गया। सेमरडाडी निवासी राजन पांडेय और भैसहीं निवासी देवेंद्र त्रिपाठी रिश्ते में मामा- भांजे थे। देर शाम मेडिकल कॉलेज से अरुण उर्फ राजन का शव जैसे ही सेमरडाड़ी पहुंचा,वैसे ही गांव के लोगों की भीड़ जुट गई। घटना से सभी लोग गमगीन दिखे।
महुली क्षेत्र के भैसहीं निवासी देवेंद्र त्रिपाठी पुत्र पारसानाथ बीए तृतीय वर्ष के छात्र थे,जबकि सेमरडाड़ी निवासी अरुण उर्फ राजन पांडेय पुत्र रवींद्र पांडेय बीएससी प्रथम वर्ष में थे। पारसनाथ त्रिपाठी ने बताया कि उनके दो बेटों में देवेंद्र बड़े थे। दो साल से देवेंद्र मारुत मानस नंदन मंदिर छपरा बिहार में पुजारी का काम कर रहे थे।
उनके बड़े भाई विजय बहादुर की बेटी की 28 फरवरी को शादी हुई थी। उसी में बेटा देवेंद्र घर आया था। भगवान को कुछ और ही मंजूर था और बेटा देवेंद्र हादसे का शिकार हो गया। पिता पारसनाथ एक हाथ से दिव्यांग होने के बाद भी परिवार के भरण पोषण के लिए आटो रिक्शा चलाते हैं।
देवेंद्र के चाचा अर्जुन त्रिपाठी के पुत्री ममता की शादी धनघटा क्षेत्र सेमरडाडी निवासी रवींद्र नाथ पांडेय से हुई हैं। चचेरी बहन ममता के बेटे अरुण उर्फ राजन पांडेय की भी हादसे में मौत हो गई। दो भाई और दो बहनों में राजन बड़े थे। राजन डॉक्टर बनने का ख्याब पाले थे। घटना से भैसही और सेमरडाड़ी के लोग घटना से आहत दिखे।