रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद थाने से फरार होने वाले दरोगा पर बुधवार देर रात धनघटा पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वत लेने और फरार होने का केस दर्ज किया गया। दोनो ही मुकदमे एंटी करप्शन इंस्पेक्टर की तहरीर पर दर्ज किए गए। पुलिस मामले की छानबीन के साथ आरोपी दारोगा की गिरफ्तारी की कोशिश में जुट गई है। वहीं आरोपी पौली चौकी इंचार्ज विनोद कुमार को एसपी ने बृहस्पतिवार शाम को निलंबित कर दिया।
एंटी करप्शन टीम गोरखपुर के इंस्पेक्टर सभाजीत त्रिपाठी ने बताया कि रामपुर परसा गांव निवासी छाया ने शिकायत की थी कि 13 अगस्त को गांव निवासी विद्यावती देवी पत्नी अशोक कुमार के बीच बच्चों के विवाद को लेकर मारपीट हुई थी। जिसमें उसकी पुत्री शांति, नेहा और नमिता देवी पत्नी जीते घायल हो गए थे। इस मामले में कार्रवाई करने के लिए वह चौकी इंचार्ज विनोद कुमार से मिलीं तो विनोद कुमार उससे रिश्वत के रूप में 5 हजार रुपये तत्काल लिए उसके बाद 10 हजार रुपये की और मांग की। पीड़िता ने 10 हजार रुपये उनको न देकर एंटी करप्शन टीम के लोगों से मिलीं और प्रार्थना पत्र दिया। 31 अगस्त को दोपहर 1. 30 बजे चौकी इंचार्ज विनोद कुमार के निवास पर पीड़िता पहुंची और रिश्वत के रूप में दरोगा को 10 हजार रुपये दे रही थी कि उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
उसे धनघटा थाने लाया गया, यहां से करीब पौने दस बजे दरोगा भाग गया। एसओ एमपी चतुर्वेदी ने बताया कि एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर सभाजीत की तहरीर पर आरोपी दारोगा विनोद कुमार के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वत लेने और अभिरक्षा से फरार होने का केस दर्ज कर लिया गया। आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।