नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के समग्र गांव नटवा में इंदिरा आवास के लिए ‘पति’ का नाम बदल दिया। मामला यहीं नहीं थमा पूर्व प्रधान तथ्यों को छुपाकर अपनी भाभी के नाम से लोहिया आवास आवंटित करा लिया। और तो और आवास की रकम लेने के बाद भी निर्माण नहीं कराया। शिकायत के बाद डीएम ने जब मामले की जांच एसडीएम से कराई तो सच सामने आ गया। जांच अधिकारी ने कार्रवाई के लिए डीएम को रिपोर्ट सौंप दी है।
नटवा निवासी संजय कुमार पुत्र छोटेलाल ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर गांव में कराए गए कार्यों में अनियमितता की शिकायत की थी। जांच अधिकारी एसडीएम प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि नटवा में शिवजतन, हरिराम, रामरतन और श्यामदेई के शौचालय निर्माण कार्य की जांच की। कुल चार शौचालयों में सिर्फ दो बने मिले हैं। तत्कालीन प्रधान शिवजतन ने आश्वासन दिया कि 15 दिन के भीतर दोनों शौचालय बनवा दिया जाएगा।
वित्तीय वर्ष 2012-13 में नटवा समग्र गांव के रूप में चयनित हुआ था। इस दौरान शांति देवी पत्नी रामरतन को लोहिया आवास आवंटित किया गया था। शांति देवी तत्कालीन प्रधान शिवजनत की सगी भाभी है। उन्होंने साक्ष्य को छिपाते हुए शांति देवी के नाम से आवास आवंटित करा दिया और तीन लाख की रकम ले ली। लेकिन अब तक आवास का निर्माण नहीं हुआ है। जांच अधिकारी ने धनराशि की रिकवरी कराए जाने के साथ पूर्व प्रधान के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है।
वहीं वर्ष 2011-12 में हसीबुन्निशा पत्नी रफीक के नाम से इंदिरा आवास आवंटित हुआ है। जांच में पाया गया कि लाभार्थी हसीबुन्निशा रफीक की पत्नी हैं ही नहीं। हसीबुन्निशा के पति का नाम रफी है। वहीं रफीक की पत्नी का नाम साबिया खातून है। बीपीएल सूची में रफीक का नाम है न की रफी का। नियम विरुद्ध ढंग से हसीबुन्निशा को रफीक की पत्नी होना दर्शा कर इंदिरा आवास का लाभ दे दिया गया। सूत्रों के अनुसार हसीबुन्निशा ने ही आवास के लिए आवेदन किया था। अपात्र होने की वजह से लाभार्थी से जारी धनराशि की वसूली कराए जाने की संस्तुति की है।
शौचालय का निर्माण समय से नहीं होने की वजह से ग्राम पंचायत अधिकारी को चेतावनी पत्र जारी करने की संस्तुति की गई है। ताकि भविष्य में गलती की पुनरावृत्ति न हो। डीएम डॉक्टर सरोज कुमार ने बताया कि नटवा गांव की जांच रिपोर्ट मिली है। जांच में जो गड़बड़ी मिली है और उसके जो भी जिम्मेदार लोग है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कराई जाएगी। अपात्रों से आवास की जारी धनराशि की रिकवरी भी कराई जाएगी।