शहर के नेहरू चौक के निकट शनिवार की रात थोक के दवा कारोबारी की दुकान में शार्ट सर्किट से आग लग गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
आस-पास के लोगों ने आग पर काबू करने का प्रयास शुरू किया और अग्निशमन विभाग को सूचना दी, लेकिन जब तक दमकल कर्मी आग पर काबू पाते सब कुछ जलकर नष्ट हो गया।
नेहरू चौक स्थित पेट्रोल पंप के पास की गली में राकेश फार्मा नामक थोक दवा की दुकान है। इसके संचालक अनूप कुमार गुप्ता के मुताबिक दुकान से कुछ दूरी पर स्थित एक मकान में वह परिवार सहित रहते हैं।
शनिवार की शाम को दुकान बंद कर वह आवास पर चले गए। रात्रि में करीब डेढ़ बजे दुकान में आग लग गई। आशंका है कि शार्ट सर्किट के चलते आग लगी।
जब तक लोग पहुंचते आग बेकाबू हो चुकी थी। लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। मौके पर दमकल की गाड़ी पहुंची और आग बुझाने में लग गई, लेकिन कुछ ही देर में पानी खत्म हो गया।
दोबारा जब तक पानी का इंतजाम होता आग ने ऊपरी मंजिल को भी अपनी आगोश में ले लिया। आग इस कदर भड़क गई कि बगल के घर का बाहरी हिस्सा भी पूरी तरह से काला पड़ गया।
अनूप के मुताबिक आग से दुकान में रखा 46 लाख 40 हजार की दवा, 93600 रुपये कैश, फर्नीचर, कंप्यूटर, एसी, फ्रिज, इनवर्टर आदि भी जलकर नष्ट हो गया।
करीब 51 लाख 92 हजार नौ सौ रुपये के नुकसान का अनुमान है। उन्होंने इसकी लिखित जानकारी कोतवाली पुलिस को दे दी है। इधर, आग लगने से दवा दुकानदार को हुई क्षति के बाद उन्हें सांत्वना देने के लिए उनके शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है।
लोग यह भी कहते सुने गए कि हर बार वक्त पर फायर ब्रिगेड के पास पानी की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इस घटना से एक साल पहले मोती चौराहे पर एक व्यापारी के गोदाम में आग लगी थी, तब भी यही स्थिति पैदा हुई थी।
शहर के हाईडेंट की पहले की जांच कर लेनी चाहिए, जिससे आग लगने पर कुंआ खोदने जैसी स्थिति फिर पैदा न हो।