सेमरियावां विकास खंड के समग्र गांव सालेहपुर में लोहिया आवास की एक महिला लाभार्थी से रकम लेने के आरोप में पूर्व में हुई जांच में दोषी ठहराए गए प्रधान को अंतिम जांच रिपोर्ट में क्लीनचिट मिल गई। जांच अधिकारी जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी ने अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट डीएम को प्रेषित कर दी।
ग्राम पंचायत सालेहपुर की रहने वाली फूलमती पत्नी रामशब्द ने डीएम को आवेदन देकर शिकायत की था कि लोहिया आवास की रकम एक लाख सैंतीस हजार रुपये बैंक से निकालने के बाद प्रधान रमजान ने ले लिया था। डीएम ने पीडीअनिल कुमार पांडेय से मामले की जांच कराई थी इसमें आरोप सही मिला। जबकि कुछ लाभार्थियों ने पूर्व प्रधान पर भी रकम लेने का आरोप मढ़ा। जांच रिपोर्ट के आधार पर वर्तमान प्रधान का जहां वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज हो गया, वहीं पूर्व प्रधान पर दुधारा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।
डीएम ने वर्तमान प्रधान पर लगे आरोपों की अंतिम जांच डीएसटीओ से कराई। डीएसटीओ अजय यादव ने बताया कि शिकायतकर्ता फूलमती चार जुलाई को उसके कार्यालय में उपस्थित हुई और मय शपथ पत्र लिखित बयान दिया। शिकायतकर्ता ने प्रधान मोहम्मद रमजान का लोहिया आवास में स्वीकृत धनराशि से कोई लेना देना नहीं बताया। कहा कि आवास की दूसरी किश्त 1,37500 रुपये स्वयं बैंक से निकालने गई थी। उसके साथ न तो प्रधान थे और न ही प्रधान के परिवार का कोई सदस्य था। प्रधान को चुनावी रंजिश का मोहरा उसके निरक्षर होने की वजह से बनाया गया। प्रधान ने उससे कोई रकम नहीं मांगी थी। इसके अलावा शाखा प्रबंधक पूर्वांचल बैंक नौवा गांव से भी नोटिस देकर जवाब मांगा गया था।
प्रबंधक ने अपने जवाब में बताया है कि फूलमती के खाते में आवास योजना के अंतर्गत 24 मई को 1,37500 रुपये आए थे, जबकि खाते में पहले से 5321 रुपये था। 25 मई को फूलमती ने स्वयं काउंटर पर उपस्थित होकर 1,42,000 रुपये का भुगतान खुद प्राप्त किया था। डीएसटीओ ने आगे बताया कि वर्तमान प्रधान मोहम्मद रमाजन ने भी अपने नोटिस के जवाब में शपथ पत्र के साथ बयान दिया। जिसमें बताया कि उसके प्रधान बनने से पहले गांव का चयन लोहिया समग्र गांव के रुप में हुआ था और कई लोगों को लोहिया आवास के लिए पात्र माना गया था।
आवास की पहली किश्त भी लाभार्थियों के जरिए निकाला गया था। उन्हीं तमाम लाभार्थियों में से फूलमती भी थी। चुनावी रंजिश की वजह से कुछ लोगों के जरिए लाभार्थी फूलमती को बरगला कर उसके खिलाफ प्रार्थना पत्र दिलाया गया। खुद को निदोष बताते हुए की गई कार्रवाई को गलत ठहराया। फूलमती के बयान, प्रधान मोहम्मद रमजान के जरिए प्रस्तुत आख्या, पूर्वांचल बैंक के प्रबंधक के जरिए दिए गए जवाब एवं स्थानीय नागरिकों द्वारा प्रस्तुत शपथ पत्र के आधार पर प्रधान पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं होती है। इधर, पूर्व प्रधान पर दर्ज मुकदमे की पुलिस विवेचना कर रही है।