घर में चल रहे नकली डीजल के धंधे का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने इस काम में लगे शख्स को गिरफ्तार करते हुए 4600 लीटर नकली डीजल और उसे तैयार करने के उपकरण व केमिकल कब्जे में लिए हैं। इस काम में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाला भी हिरासत में लिया है।
एसपी शैैलेष कुमार पांडेय ने बताया कि तेल का काला कारोबार पड़रिया और बयारा गांव के बीच स्थित बयारा निवासी उमेश यादव के मकान में चल रहा था। उमेश को गिरफ्तार कर की गई पूछताछ में कुछ मध्यस्थों का पता भी चला। उनमें से एक को हिरासत में ले लिया है। इनके जरिए नकली डीजल के धंधे के बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की उम्मीद है।
-पड़रिया और बयारा गांव के बीच सामान्य से नजर आने वाले मकान में नकली डीजल तैयार करने के बड़ी तैयारी देख जहां पुलिस के होश उड़ गए, वहीं आसपास रहने वाले भी अवाक रह गए। गिरफ्त में आए आरोपी ने लखनऊ के आरपी सिंह नामक शख्स को इस धंधे का सूत्रधार बताया है। उसके मुताबिक डीजल की डीलरशिप का झांसा देकर आरपी सिंह ने तेल के काले धंधे में उतार दिया।
एक सूचना के आधार पर सीओ आर के सिंह के नेतृत्व में कोतवाल शमशेर बहादुर सिंह ने सहयोगी पुलिस कर्मियों के साथ छापेमारी की। पुलिस टीम के मुताबिक भीतर का माहौल किसी फैक्ट्री जैसा था। बयारा के रहने वाले उमेश यादव के इस परिसर में 4600 लीटर नकली डीजल का स्टॉक मिला तो इसे तैयार करने के लिए जरूरी सफेद और नीले मिट्टी के तेल का बड़ा स्टॉक मिला। साथ ही थिनर, केमिकल्स, मोटर पंप, ड्रम, जेनरेटर आदि कब्जे में लिए गए।
पुलिस की सूचना पर डीएसओ ए पी सिंह, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी व्रजेद्र कुमार, ओंकार त्रिपाठी, विजय कुमार आदि भी मौके पर पहुंचे और तेल के अवैध धंधे में गिरफ्तार किए गए उमेश यादव के खिलाफ लिखा-पढ़त शुरू कर दी।
एसपी शैैलेष कुमार पांडेय के मुताबिक गिरफ्तार उमेश यादव ने डीजल की डीलरशिप के बहाने इस धंधे में उतारने वाले लखनऊ के किसी आरपी सिंह का हवाला दिया है। आरपी सिंह को तेल कंपनी का अफसर बताया है। पुलिस उस तक पहुंचने की कोशिश में है। इस बीच की पूछताछ में नकली डीजल तैयार करने के लिए तेल व बाकी सामान उपलब्ध कराने वाले और आसपास के क्षेत्रों में बिक्री कराने वाले एक मध्यस्थ को भी हिरासत में लिया गया है। करीब एक साल से चल रहे इस धंधे के पीछे बड़े नेटवर्क की उम्मीद है। दोनों से मिले सुराग के आधार पर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।