यौन शोषण के मामले के आरोपी पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अय्यूब की गिरफ्तारी की मांग जोर पकड़ने लगी है। गुरुवार को डीएम कार्यालय पहुंचे मृत युवती के घर वालों व भाकियू भानू गुट के लोगों ने डॉ. अय्यूब की गिरफ्तारी की मांग की। आरोप है कि लखनऊ के मड़ियाव थाने की पुलिस मामले में लीपापोती की कोशिश कर रही है। ऐसे में यह जरूरी है कि पहले डॉ. अय्यूब की गिरफ्तारी हो और फिर मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।
बखिरा क्षेत्र के रहने वाले मृतक युवती के मां और भाई का आरोप था कि उसकी बेटी को डॉक्टर बनाने का ख्वाब दिखाकर पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने प्रभाव में कर लिया था। मदद करके बेटी का लखनऊ में नर्सिंग कोर्स में दाखिला कराया था। इस दौरान डॉ. अय्यूब ने उसकी बेटी का यौन शोषण किया। बेटी की तबियत बिगड़ने पर उसे गलत दवाइयां दी। जिससे वह बीमार हो गई। बाद में बेटी की लखनऊ में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मामले में 24 फरवरी 2017 को लखनऊ के मडियाव थाने में डॉ. अय्यूब के खिलाफ केस भी दर्ज हुआ था। आरोप है कि मडियांव थाने के इंस्पेक्टर आरोपी के प्रभाव में आ गए हैं। इसी कारण उनका और छोटी बेटी का बयान अब तक दर्ज नहीं किया गया।
वहीं आरोपी का बयान दर्ज कराने के आरोपी को जाने दिया गया।केस दर्ज कराने के बाद डॉ. अय्यूब ने कुछ कार्यकर्ताओं के जरिए केस में पैरवी न करने के एवज में मोटी रकम का लालच दिया गया। मृत युवती की मां ने कहा कि वह आरोपी को सजा दिलाकर ही मानेंगी। उनकी मांग हैं कि पहले आरोपी को गिरफ्तार किया जाए और फिर मामले की सीबीआई जांच हो। ऐसा न होने पर केस प्रभावित हो सकता है।
वहीं भाकियू भानू गुट के जिलाध्यक्ष जगदीश यादव और मीडिया प्रभारी बाबू लाल यादव ने कहा कि डीएम को मांग पत्र पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की गई है, क्योंकि आरोपी पक्ष दबाव बनाने के साथ ही धमकी भी दे रहे हैं। डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा कि इस मामले में केस लखनऊ में दर्ज है। ऐसे में वहीं की पुलिस की इसमें कार्रवाई करेगी। वैसे जो मांग पत्र उन्हें मिला उसे लखनऊ भिजवा देंगे।