कोतवाली क्षेत्र के गड़सरपार गांव में फब्तियां कसने से हुए विवाद के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों से सात नामजद और कुछ अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इस मामले में पुलिस ने एक पक्ष के पांच लोगों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया। वहीं तीन घायलों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। गांव में शांति व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस मुस्तैद रही।
एक पक्ष की पीड़ित महिला का आरोप था कि वह अपने भाई के साथ ससुराल से मायके जा रही थी। गड़सरपार चौराहे पर अपने दो भाइयों को समोसा लेने के लिए भेजी और वह अकेले वहां खड़ी थी। उसी बीच तीन युवक बाइक से आए और वहां खड़े हो गए। इसके बाद वे फब्तियां कसते हुए छेड़खानी करने लगे। इसी बीच उसके भाई आए गए और छेड़खानी का विरोध करने लगे। जिससे नाराज होकर तीनों युवकों ने उसे और भाइयों को मारने- पीटने लगे। खबर पर चाचा का बेटा भी पहुंचा तो लोगों ने उसे भी मारापीटा।
बाद में गांव के कुछ लोग उन्हें और भाइयों को घर ले गए। बाद में खबर पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जबकि दूसरे पक्ष के फखरुद्दीन का आरोप था कि गुरुवार रात सात बजे के करीब शब-ए- बारात के लिए मस्जिद पर लोग इकठ्ठा हो रहे थे। उसी दौरान गांव के सदानंद, गजानंद, बैजनाथ, करूण कुमार, रवि कुमार और कुछ लोगों ने सरिया, लाठी आदि लेकर उन्हें घेर लिए। इन लोगों ने मोहम्मद अली और उसके भाई निजामुद्दीन के ऊपर हमला करके घायल कर दिया। बाद में गांव के तमाम लोग पहुुंच गए तो लोग जानमाल की धमकी देते हुए भाग निकले।
कोतवाल ईश्वरचंद प्रधान ने बताया कि दोनों पक्षों की तरफ से सात नामजद समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। एक पक्ष के सदानंद, रोहित, रवि कुमार, राम अवतार और अमित को जेल भेज दिया गया। जबकि घटना में घायल दूसरे पक्ष के निजामुद्दीन,मोहम्मद अली और अब्दुल हक को जिला अस्पताल से डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। दोनों पक्षों के 41 अराजक तत्वों को चिह्नित कर लिया गया है। उनके खिलाफ शांति भंग में पाबंदी की कार्रवाई भी की जाएगी। गांव में तनाव शांति व्यवस्था के लिए गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।