महुली पुलिस ने गुरुवार को छितही गांव के कोटेदार के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया है। कोटेदार पर आरोप है कि उसने कोटे की दुकान के अभिलेखों के गायब होने की सूचना देने के लिए थाने की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर का सहारा लिया। तहसील दिवस में की गई शिकायत के बाद जालसाजी का खुलासा हुआ। इसके बाद एसपी ने मामले की जांच सीओ से कराने के बाद महुली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था।
छितही निवासी इश्तियाक अहमद पुत्र अब्दुल रउफ का आरोप था कि उसके भतीजे सुहैल अहमद पुत्र मुसीर ने गांव के कोटे के संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय से जनसूचना अधिकार के तहत सूचना मांगी थी। जिस पर कोटेदार ने महुली पुलिस को अभिलेख गायब होने की फर्जी सूचना दी थी। इसके लिए थाने की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर का प्रयोग किया गया था। तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र देने पर एसडीएम धनघटा ने मामले के निस्तारण के लिए तहसीलदार को निर्देशित किया। तहसीलदार ने महुली पुलिस को मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया, लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद इश्तियाक अहमद ने मामले की शिकायत एसपी से की।
एसपी ने सीओ को प्रकरण की जांच कर आख्या देने का निर्देश दिया। इसके बाद गुरुवार को सीओ के निर्देश पर महुली पुलिस ने ग्राम छितही निवासी कोटेदार मोहम्मद शाहिद के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज कर लिया। एसओ रमेश यादव ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।