गोरखपुर जिले के सिकरीगंज थाना क्षेत्र से शनिवार को बच्चे का अपहरण करके संतकबीरनगर जिले के धनघटा क्षेत्र की ओर ले जाने की सूचना 100 नंबर पर मिली। इससे पुलिस टीम हरकत में आई और दोनों जिलों की पुलिस जांच में जुट गई। बाद में पता चला कि बच्चे का अपहरण हुआ ही नहीं, बल्कि मामला पति-पत्नी के विवाद का निकला।
धनघटा थाने के प्रभारी एसओ विनोद कुमार ने बताया कि क्षेत्र के मझौरा गांव निवासी इंद्रकला और उसके पति भीम के बीच तीन साल से अलगाव चल रहा है। दोनों के बीच मुकदमा कोर्ट में विचाराधीन है। दोनों से पैदा हुआ पांच साल बेटा सलाहाबाद गांव में एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ने गया था। जहां इंद्रकला पहुंची और बेटे को दवा कराने की बात शिक्षकों से करके अपने साथ लेकर सिकरीगंज क्षेत्र में मायके जा रही थी। इस बीच बेटे को पत्नी के जरिए ले जाने की सूचना भीम को मिली तो वह बाइक से सिकरीगंज की तरफ चला गया और सतहरामोहन गांव के पास से बेटे को पत्नी से जबरियां ले लिया और घर की तरफ चल दिया।
इस बीच पत्नी इंद्रकला ने 100 नंबर पर गोरखपुर पुलिस को सूचना दी कि बाइक सवार दो लोग उसके पांच साल के बेटे का अपहरण करके धनघटा क्षेत्र की तरफ उठा ले गए। सूचना पर गोरखपुर पुलिस धनघटा क्षेत्र में पहुंची और मामले से अवगत कराई तो संयुक्त पुलिस टीम मझौरा गांव गई। जहां भीम के साथ उसका बेटा मिला। जांच में अपहरण की घटना झूठी निकली। रविवार को पति- पत्नी को थाने बुलाया गया है। बेटा अपने पिता के साथ है।