मूर्ति विसर्जन जुलूस के दौरान मगहर में हुए बवाल के मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की। एक पक्ष के चेयरमैन समेत 21 लोगों पर जहां बलवा, मारपीट, तोड़फोड़, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश के आरोप में केस दर्ज किया है जबकि दूसरे पक्ष के 25 नामजद समेत 45 लोगों पर बलवा, घर में घुस कर मारने पीटने, रेप के प्रयास और दलित उत्पीड़न का केस दर्ज किया। पुलिस मगहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से चुस्त है।
कसाई टोला वार्ड नंबर दो निवासी रिंकू कन्नौजिया का आरोप था कि 13 नवंबर की रात वह अपने परिवार के लोगों के साथ घर में सो रहा था। आरोप था उसी दौरान अचानक मोहल्ले के ही रहने वाले मनबहार, खलीकुज्जमा आदि गोलबंद होकर लाठी, तलवार ,चाकू ,कट्टा लेकर उसके घर में घुस आए।
अपने हाथ में लोग पाकिस्तानी झंडा लेकर पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। लोग उसे और चाचा राजाराम के अलावा योगेंद्र,धर्मेंद्र, ज्ञानमती, सरोज, निर्मला को भी मारे-पीटे।
आरोप था कि महिलाओं के साथ दुष्कर्म का प्रयास भी किया। पीड़ित परिजनों के शोर मचाने पर मोहल्ले के बासदेव व राजकुमार समेत तमाम लोग पहुंच गए और बीच बचाव किए, तब जाकर लोग भागे। आरोप था कि लोगों ने जाति सूचक शब्दों से भी अपमानित किया। पुलिस ने मनबहार, खलीकुज्जमा,चीनी, शेर अली, आजम, अब्दुल, जाबिर, शाह आलम, सद्दाम, अब्दुल्लाह,रिजवान, जावेद, अकरम, फैटू, मकबूल, झीनक, एकलाख, नसीम, नौसाद, मेराज, काजू, अब्दुल्लाह, महबूब, परवेज के अलावा 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, घर में घुस कर मारने-पीटने, गाली गलौज, जानमाल की धमकी देने, दुष्कर्म का प्रयास करने और दलित उत्पीड़न का केस दर्ज किया।
जबकि दूसरे पक्ष से काजीपुर निवासी अहमद खान पुत्र बरकत खान ने कोतवाली में तहरीर दी। आरोप लगाया कि चेयरमैन अश्वनी गुप्ता, वीरेंद्र ,मनोज समेत 21 लोग गोलबंद होकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की पूरी कोशिश किए। मारने-पीटने, तोड़फोड़ करने, जालमाल की धमकी देने समेत अन्य तमाम गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने अहमद खान की तरफ से चेयरमैन अश्वनी गुप्ता, मनोज और वीरेंद्र समेत 21 नामजद लोगों पर केस दर्ज किया।
एसपी बीपी श्रीवास्तव ने बताया कि जो लोग भी बवाल में शामिल रहे हैं उनके खिलाफ पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेंगी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है।