छेड़खानी के मामले में आरोपी एक प्रधान बुधवार को एसपी से फरियाद करने पहुंचे तो एसपी ने उन्हें बैठा लिया। कुछ देर बाद धनघटा पुलिस को बुला कर आरोपी प्रधान को सौंप दिया और मामले में जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश एसओ को दिया। एसपी की सख्ती से प्रधान के साथ गए लोगों के होश उड़ गए। बाद में एसओ ने चार उपनिरीक्षकों के साथ मामले की जांच की तो प्रधान पर लगे आरोप झूठे निकले।
सोनहन गांव के प्रधान रफीक अहमद पर उनके बगल गांव की एक महिला ने छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को धनघटा थाना में केस दर्ज करवाया था। बुधवार को आरोपी प्रधान खुद को निर्दोष बताने के लिए एसपी से मुलाकात करने एसपी कार्यालय गए थे। एसपी हीरा हाल ने प्रधान की बात सुनने के बाद उन्हें बैठा लिया और एसओ धनघटा को बुलाकर उनके हवाले कर दिया। इस दौरान आदेश के साथ किया कि इस मामले की जांच करके आगे की कार्रवाई करें। दूसरी तरफ प्रधान रफीक अहमद का कहना था कि महिला उनके पीछे काफी दिनों से पड़ी थी और मौका मिलते ही साजिशन उनके खिलाफ फर्जी केस दर्ज करा दिया।
एसओ ईश्वरचंद्र प्रधान ने बताया कि सोनहन गांव के प्रधान रफीक अहमद को पूछ ताछ के लिए थाने लाया गया है। चार उपनिरीक्षकों के साथ वह पहले पीड़ित महिला के घर गए और फिर घटना स्थल का निरीक्षण भी किया। महिला से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि घटना के दिन वह बारहकोनी बाजार करने गई थी। लौटते वक्त उसके साथ घटना हुई। जब बारहकोनी में बाजार लगने वाली तिथियों का पता किया गया तो पता चला कि जिस दिन की घटना महिला बता रही है, उस दिन वहां बाजार हीं नही लगती है। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई तो पता किया यह घटना झूठी है। जांच में प्रधान निर्दोष मिले हैं।