सात और 16 नवंबर को पहले संतकबीरनगर और फिर बस्ती में हुई लूट की चार वारदातों की कड़ियों पर पुलिस जोड़ने में जुटी है। इसके लिए टोल गोरखपुर से बाराबंकी तक के टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया, लेकिन इसमें न तो कोई संदिग्ध वाहन और न ही रुड़की नंबर की जो क्रेटा गाड़ी पुलिस को बरामद हुई है उसके आने का पता चल पाया है।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस को आशंका है कि लुटेरे संतकबीरनगर और बस्ती जिले की हर राह से वाकिफ हैं। इसके साथ ही वे आने जाने के लिए हाइवे का प्रयोग नहीं कर रहे हैं।
ऐसे में या तो लुटेरों के गैंग में शामिल कोई शख्स दोनो जिलों में से कही का रहने वाला है या फिर यहां की भौगोलिक स्थितियों से भली भांति वाकिफ है। इसी वजह से बदमाश कंपनी लिंक रोड से आती है और ऐसी ही राहों से निकल जाती है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस विभिन्न पहलुओं के साथ ही हाल ही में जेल से छूटे बदमाशों की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। एसपी संतकबीरनगर विक्रमादित्य सचान ने बताया कि जो भी घटनाएं हुई है, उसके पर्दाफाश के लिए कोतवाल और स्वाट टीम को कड़े निर्देश दिए गए है। जबकि एसपी बस्ती शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस हर विंदु पर बारीकी से जांच कर रही है। जेल से छूटे बदमाशों की गतिविधि पर भी पुलिस नजर रख रही है।