खलीलाबाद और बस्ती में व्यवसायी को बंधक बना कर मारने-पीटने वाले बदमाशों के गैंग के बारे में पुलिस को कुछ सुराग मिले हैं। वहीं बदमाशों के हावभाव और बोली उनके पश्चिमी यूपी का होने की ओर इशारा कर रही है। दोनों जिलों की पुलिस टीम समन्वय स्थापित कर पर्दाफाश करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सोमवार (सात नवंबर को) चार पहिया वाहन सवार बदमाशों ने सरेशाम हाईवे से सटे मडया में मार्बल व्यवसायी राम अजोर चौरसिया की दुकान में घुस कर बंधक बनाकर 33,000 रुपये नकदी, सोने की चेन, अंगूठी लूट ले गए थे। शातिर बदमाश दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे को भी साथ उठा ले गए थे। इसी गैंग ने बस्ती के कोतवाली क्षेत्र के हरदहिया चौराहे पर भी एक व्यवसायी के यहां लूटपाट की। बदमाश कहीं से भी कोई मोबाइल नहीं ले गए।
इससे साफ है कि पुलिस की तलाश करने के तरकीब के बारे में बदमाश पहले से वाकिफ हैं। घटना के बाद से ही दोनों जिलों की पुलिस समन्वय स्थापित कर बदमाशों का हुलिया, बोलचाल की भाषा आदि के बारे में जानकारी जुटाई। सूत्रों की माने तो यह बात सामने आई है कि बदमाशों ने बोला था कि ठा के गेर दे और बहन के...। शब्दों को प्रयोग कर रहे थे। इससे जाहिर है बदमाश पश्चिमी यूपी के रहने वाले होंगे।
पुलिस ने बस्ती से लेकर बाराबंकी तक लगे कई टोल टैक्स स्थलों के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला है। सूत्र दावा कर रहे हैं कि पुलिस टीम ने एक फेंक नंबर की गाड़ी चिह्नित की है। इसके अलावा पुलिस टीम घटना स्थल के आस-पास घटना के वक्त लोकेशन में रहे कुछ मोबाइल नंबरों को चिह्नित किया है। पुलिस टीम ने दो नंबरों को शक के दायरे में लिया है और उसी दिशा में जांच कर रही है।
बस्ती एसपी शैलेश कुमार पांडेय और संतकबीरनगर एसपी विक्रमादित्य सचान ने पूछने पर यहीं बताया कि अब तक की जांच पड़ताल से यह बात सामने आई है कि दोनों जगह वारदात करने वाला बदमाशों का एक ही गैंग है। पुलिस गैंग को चिह्नित करने में लगी है। दोनों जिलों की पुलिस टीम समन्वय स्थापित करके लूट के पर्दाफाश की दिशा में काम कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही पुलिस को कामयाबी मिल जाएगी।