पूर्वांचल बैंक धनघटा और शनिचरा बाजार के प्रबंधक और फील्ड अफसर व एक युवक के खिलाफ दर्ज केस में पुलिस की जांच भले ही अभी नहीं शुरू हुई, लेकिन पूर्वांचल बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय इस मामले की जांच करने के लिए टीम गठित कर दी। टीम के लोग गुरुवार को धनघटा और शनिचरा बाजार की शाखा पर पहुंचे और शाखा प्रबंधक और फील्ड अफसर से पूछताछ की। करीब एक घंटे तक पूछताछ करने के बाद जांच अधिकारी केसीसी पर ऋण लेने वाली महिला लालती देवी की फाइल को सील कर दिया।
छपरा मगर्बी गांव निवासी लालती ने एक युवक समेत बैंक मैनेजर और फील्ड अफसर पर केसीसी पर लिए ऋण का पूरा रकम न देने का आरोप लगाते हुए धनघटा थाने में जालसाजी का केस दर्ज कराया है। केस की विवेचना अभी तक विवेचक द्वारा शुरू नहीं की गई है। इसके पहले बैंक के उच्चाधिकारियों ने समाचार पत्रों में छपी खबर को संज्ञान में लेते जांच टीम गठित कर दी। जांच टीम ने शाखा में पहुंच कर शाखा प्रबंधक और फील्ड अफसर से अलग- अलग पूछताछ की। इसके साथ- साथ ही लालती देवी द्वारा दिए गए कागजात का गहन अध्ययन करने के बाद सील करा दी।
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में जांच टीम ने यह देखा कि मनोज सिंह का खाता इन बैंकों में है या नही। लालती देवी द्वारा दिए कागजातों की स्थित क्या है। वही दूसरी तरफ इस मामले में यह भी पता चला कि सबसे पहले लालती देवी ने दो फरवरी 2015 को पूर्वांचल बैंक की शाखा शनिचरा बाजार से ऋण लिया । उसके बाद नौ मार्च 2015 को पीएनबी की शाखा उमरिया बाजार से कर्ज के रुप में 70 हजार रुपये का पहला भुगतान।
12 मार्च 2015 को वह 20 हजार रुपये की निकासी की है। जबकि पूर्वांचल बैंक की शाखा धनघटा से 13 अक्टूबर 2015 को 62 हजार रुपये और आठ दिसंबर 2015 को आठ हजार रुपये,30 मई 2016 को छह हजार रुपये की निकासी लालती देवी के जरिए किए जाने की बात बताई जा रही है। पीएनबी उमरिया बाजार के प्रबंधक आर के सिंह का कहना है कि लालती देवी की भूमि 25 अप्रैल 2015 को पीएनबी के पक्ष में बंधक की गई है।
लालती देवी द्वारा कर्ज लेने के लिए शपथ पत्र तो दिया ही गया है साथ ही साथ पूर्वांचल बैंक की धनघटा शाखा, अशरफपुर समेत चार बैंकों से नोड्यूज कागजात भी दिए गए हैं। पूर्वांचल बैंक की धनघटा शाखा के प्रबंधक इरफानुल्लाह का कहना है कि जांच टीम आई थी और जांच करके चली गई। जबकि पूर्वांचल बैंक शनिचरा बाजार के शाखा प्रबंधक मनोज कुमार गुप्ता ने बताया कि वह गुरुवार को जांच टीम के रहते दौरान शाखा पर नहीं थे। जब शाखा पर पहुुंचे तो पता चला कि जांच टीम आई थी और कर्मियों से पूछताछ करके रिकॉर्ड देख कर चली गई।
पूर्वांचल बैंक की क्षेत्रीय प्रबंधक वृजमोहिनी द्विवेदी ने बताया कि कार्यालय के मुख्य शाखा प्रबंधक सी डी पांडेय को जांच पड़ताल के लिए भेजा था। उनके स्तर से क्या जांच की गई यह अभी उन्हें पता नहीं है।