संतकबीरनगर। मेंहदावल क्षेत्र के बर्नापुर गांव निवासी मासूम आवाज सिंह की हत्या की साजिश मुख्य आरोपी की मां ने रची थी। अपने बेटे के साथ मासूम को कपड़ा खरीदने की लालच देकर भेेजी थी।
उसके बाद आरोपियों ने मासूम की हत्या करके शव को ठिकाने लगा दिया था। हत्या की साजिश रचने वाली आरोपी महिला को पुलिस ने मंगलवार को पक्का पोखरा टैक्सी स्टैंड के पास से गिरफ्तार किया।
एसओ सुधीर सिंह ने बताया कि बर्नापुर गांव निवासी मासूम आवाज सिंह पुत्र स्वर्गीय गजेंद्र सिंह बीते 22 अप्रैल को घर से लापता हो गया था। पीड़ित मां ने अपने गायब बेटे का अपहरण करने का आरोप लगाते हुए बढ़या ठाठर निवासी इंद्रजीत यादव पर केस दर्ज कराया था।
30 अप्रैल को गोरखपुर के कैम्पियरगंज थाना क्षेत्र में राप्ती नदी के किनारे हत्या कर फेंका गया मासूम का शव मिला था। उसी दिन अपहरण के दर्ज मुकदमे को तरमीम करते हुए हत्या कर शव छुपाने की कोशिश की धारा बढ़ा दी गई थी। मुख्य आरोपी इंद्रजीत यादव को एक मई को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
जबकि हत्या में शामिल आरोपी बढ़या ठाठर के रहने वाले रवींद्र यादव को हत्या में प्रयुक्त बाइक के साथ 16 मई को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पूछताछ में आरोपी रवींद्र यादव ने बताया था कि इंद्रजीत की मां सुमित्रा पत्नी रघुवीर ने ही मासूम आवाज सिंह की हत्या की साजिश बेटे के साथ मिल कर रची थी।
अपने घर शादी होने की बात कह कर मासूम को कपड़ा खरीदने के बहाने इंद्रजीत के साथ जाने की लालच दी थी। मासूम को ले जाते समय रास्ते में करमैनी के पास सुमित्रा मिली भी थी। इंद्रजीत और रवींद्र ने मिल कर मासूम की हत्या करके शव को कैम्पियरगंज क्षेत्र में राप्ती नदी के किनारे शव को छिपा दिया था।
आगे बताया कि मंगलवार को पक्का पोखरा टैक्सी स्टैंड के पास से आरोपी सुमित्रा को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया कि उसके पति रघुवीर यादव का मासूम आवाज सिंह के घर काफी आना जाना था। पति का मासूम के घर की एक महिला से काफी नजदीकियां बढ़ गई थी।
बार-बार मना करने के बाद भी पति नहीं मान रहा था। इसलिए मासूम के घर वालों को सबक सिखाने के लिए उसने हत्या की साजिश रची और फिर उसके बेटे ने अपने साथी रवींद्र के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया।