मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस का जवान आसू गेंस का गोला फेंकते
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जाट आंदोलन जहां दोबारा शुरू होने वाला है, वहीं आंदोलन के दौरान किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस की तैयारियां अभी अधूरी हैं। मंगलवार को मॉक ड्रिल के माध्यम से डीसी और डीआईजी ने पुलिसकर्मियों की परीक्षा ली। परीक्षा के दौरान न तो जवान सही ढंग से सभी आंसू गैस के गोले दाग पाए और न ही उपद्रवियों को भगाने के लिए वज्र वाहन से निशाने पर पानी की बौछार की जा सकी। हालांकि बाद में जवानों ने अपने काम में सुधार किया। डीसी ने साफ किया कि प्रशासन या पुलिस के किसी भी अधिकारी ने अगर मौके पर लापरवाही दिखाई तो उसी समय उसे सस्पेंड कर दिया जाएगा। किसी भी आंदोलनकारी को बेवजह परेशान नहीं करना, लेकिन कानून या नियम तोड़ने पर सख्ती से निपटा जाएगा।
रैपिड एक्शन फोर्स के कंधों पर रहेगा ज्यादा भार
जिला पुलिस द्वारा अभ्यास के दौरान जो अव्यवस्था देखने को मिली उसके बाद एक बात तो साफ हो गई है कि रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों के कंधों पर ज्यादा भार रखा जाएगा। क्योंकि पुलिस के जवानों में अभ्यास के दौरान जोश की कमी नजर आ रही थी।
आप कायर नहीं, जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटना : डीआईजी
डीआईजी एवं पुलिस अधीक्षक एचएस दून ने कहा कि पिछले आंदोलन के दौरान हमें काफी नुकसान झेलना पड़ा था। इस दौरान कई अधिकारियों को सस्पेंड भी होना पड़ा। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी आम आदमी की सुरक्षा करना है और हम इस जिम्मेदारी से किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों में कायरता कभी नहीं होनी चाहिए। अगर कहीं पर भी आम आदमी को तकलीफ होती है तो हमें आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी का पालन करना है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि सोनीपत की जनता शांतिपूर्ण ढंग से पुलिस और प्रशासन का सहयोग देगी।