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प्रशासन ने सुनी नहीं, युवाओं ने खुद थाम ली कमान

Wed, 06 Jul 2016 11:38 PM IST
sant kabir nagar 
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लहन नष्‍ट करते युवा। - फोटो : अमर उजाला
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मेंहदावल क्षेत्र में कच्ची शराब के धंधे को पनपते देख युवाओं ने इसकी शिकायत की। प्रशासन द्वारा इस संबंध ठोस कार्रवाई न करने पर युवाओं ने ही समूह बनाकर क्षेत्र को कच्ची शराब के धंधे से मुक्त कराने की ठान ली। नतीजतन जून से अब तक युवाओं की टीम छह से अधिक धंधेबाजाें को पुलिस के सुपुर्द कर चुकी है। 
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मेंहदावल क्षेत्र में कच्ची शराब के धंधे के लिए सोनबरसा, कुसफर थाना परिसर के पीछे केवटलियां अव्वल, बैरियांहवा, पुरवा चर्चित मोहल्ला रहा है। साथ ही देहात क्षेत्र में तुलसीपुर, शिवरही, नगरा, पंडित पुरवा, बढय़ा, बढय़ा ठाठर, घूरापली समेत कई गांवों की पहचान ही इस धंधे से होती है। पूर्व में तत्कालीन थानाध्यक्ष दिनेश कुमार यादव ने क्षेत्र को कच्ची शराब के अवैध धंधे से मुक्त कराने की कोशिश की थी। 

स्थानीय लोगों सहयोग से धंधा फिर पनपने लगा। सोनबरसा में कच्ची शराब का धंधा जोर पकड़ने पर क्षेत्र के युवाओं ने अफसरों से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद युवाओं ने ही समूह बनाकर इसके खिलाफ अभियान छेड़ दिया। नतीजतन जून से अब तक करीब आठ सौ क्विंटल लहन नष्ट कर चुके हैं और बड़ी संख्या भट्ठियां नष्ट करने के साथ ही छह से अधिक धंधेबाजों को पुलिस के सुपुर्द कर चुके हैं। समूह बनाने वाले युवक अतुल सिंह, सौरभ सिंह, गौरव उर्फ शालू, विरेंद्र सिंह, छोटू, प्रतीक आदि ने बताया कि गांव को अवैध शराब के कारोबार से मुक्त कराने के लिए लगातार संघर्ष किया जा रहा है। पुलिस की निष्क्रियता के कारण हम युवाओं को इस अवैध धंधे के विरुद्ध आगे आना पड़ा। 
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सीओ उत्तम सिंह ने कहा कि कच्ची शराब का धंधा कानून अपराध है। ऐसी सूचनाओं पर पुलिस त्वरित कार्रवाई करती है। किसी भी दशा में क्षेत्र को कच्ची शराब का हब नही बनने दिया जायेगा। इसके विरुद्ध अभियान चलाकर इसे रोका जाएगा। समाज के लोग यदि इस अवैध धंधे को बंद कराने की दिशा में पुलिस की मदद करने को आगे आ रहे हैं तो यह अच्छी पहल है। 
वहीं आबकारी इंस्पेक्टर अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दो सप्ताह पहले मेंहदावल क्षेत्र में दबिश दी गई थी। कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने की दिशा में लगातार प्रयास हो रहा है। यदि युवा वर्ग नशा मुक्ति के लिए कच्ची शराब को बंद कराने की दिशा में पहल कर रहा है तो सहरानीय कदम है। ऐसे लोगों को सहयोग यदि समय-समय पर मिलता रहे तो निश्चित ही कच्ची के धंधेबाजों का मनोबल जहां टूटेगा साथ ही इस धंधे को पूरी तरह से रोकने में मदद मिलेगी।
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