धनघटा क्षेत्र के माझा चहोडा गांव में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे अज्ञात कारणों से आग लगने से 60 झोपड़ियां जल गईं। इस दौरान बीच बचाव की कोशिश में एक युवती भी झुलस गई। सूचना के करीब दो घंटे बाद अग्निशमन दल पहुंचा तब तक आग पर काबू पा लिया गया। इससे नाराज लोगों ने हंगामा करते हुए अग्निशमन दल को लौटा दिया।
माझा चहोडा गांव के पश्चिम तरफ स्थित राजदेव की झोपड़ी में अज्ञात कारणों से आग लग गई। पछुआ हवा के झोकों के साथ देखते ही देखते आग फैलती चली गई और आसपास की अन्य झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। गांव वालों ने बताया कि आग की लपट इतना तेज थी कि कोई घर में घुस कर सामान नहीं निकाल सका। लोग अपना जान बचाकर गांव के बाहर भाग खडे हुए। अगल -बगल के ग्रामीण जब तक आग पर काबू पाते तब तक राजेदव, श्यामदेव, रविंद्र, धर्मेंद्र, रामजीत, शिवशंकर, दिलीप, रामनरायन, नंदलाल, प्रहलाद, पिन्टू, ताजू, जगदीश समेत 60 लोगो का झोपड़ियां जल गईं। आग बुझाने के प्रयास में जगदीश की 19 वर्षीय बेटी रिंकी झुलस गई। पीड़ितों ने बताया कि उनके शरीर पर जो कपड़ा है, वही केवल बचा है। झोपड़ियों के साथ उसमें रखा अनाज, कपड़ा, बर्तन, नकदी और अन्य घरेलू सामान भी आग की भेंट चढ़ गया।
अब तो न रहने के लिए सिर पर छाया है और न ही खाने के लिए अनाज। इस घटना में पिंटू की बछिया भी झुलस गई। आग लगने के तुरंत बाद घटना की सूचना थाने पर दी गई, लेकिन फायर ब्रिगेड की टीम की दो घंटे बाद तब पहुंची। तब तक पूरा गांव जल चुका था। दमकल टीम के बिलंब से पहुंचने पर गांव वालों ने हंगामा करके उन्हें वापस कर दिया। घटना की सूचना पर कई दलों के नेता कार्यकर्ता भी पहुंचे और पीड़ितों को ढांढ़स बधाया। पौली ब्लॉक के प्रमुख राममिलन यादव ने पीड़ितों को शाम के वक्त के भोजन की व्यवस्था करायी।
खबर लिखे जाने तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नही पहुंचा था। डीएम रमाकांत पांडेय ने बताया कि दमकल टीम के विलंब से पहुंचने की वजह का पता कराएंगे। आग की घटना में तबाह हुए लोगों को प्रशासनिक सहायता मुहैया कराए जाने का निर्देश एसडीएम को दिया गया है। राजस्व टीम मौके पर जाएगी और क्षति का आंकलन करके एसडीएम को रिपोर्ट देगी।