लोगों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस को बदलनी पड़ी धारा
- फोटो : अमर उजाला
मेंहदावल। क्षेत्र के पंडित पुरवा गांव में भूमि विवाद को लेकर शुक्रवार की सुबह हुए खूनी खेल में सुरेंद्र और उनके पिता रामविजय की लाठियों से पीटकर हत्या कर दी गई थी। शनिवार की शाम गांव में पिता-पुत्र का शव पहुंचने के बाद लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश बढ़ गया। मौके पर मौजूद एसओ से लोगों ने घटना को लेकर नाराजगी जताई। जिसके बाद आनन-फानन में पुलिस ने गैर इरादतन हत्या की धारा बदल कर हत्या में परिवर्तित किया। गांव में एतिहातन शुक्रवार की रात से शनिवार की शाम तक पुलिस बल तैनात रहा।
शव लेकर गांव पहुंचे लोग मेंहदावल पुलिस के प्रति काफी नाराज दिखे। लोगों का कहना था कि पहले भी सुरेंद्र के साथ विपक्षियों ने मारपीट की थी। उस समय पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। अगर कार्रवाई की होती तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। मृतक सुरेंद्र के चचेरे भाई पप्पू यादव ने कहा कि दोनों परिवारों के बीच साल भर के अंदर दो बार मारपीट की घटना हो चुकी है। इस मामले को पुलिस को सूचना दी गई थी। एक बार विपक्षियों द्वारा सुरेंद्र को मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। उस समय पुलिस द्वारा कड़ी कार्रवाई न होने से दबंगों का मनोबल और भी बढ़ गया। नतीजन विवादित जमीन के टुकड़े के लिए पिता-पुत्र को अपनी जान गंवानी पड़ी। घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। शनिवार की शाम को पिता-पुत्र का शव पहुंचा तो उसके बाद गांव में कोहराम मच गया। लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे थे। मौके पर मौजूद एसओ मेंहदावल कपिलमुनि सिंह ने कहा कि आरोपियों के ऊपर गैरइरादतन हत्या को बदलकर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया। उन्होंने दर्ज केस की प्रति भी मौजूद लोगों को दिखाई। जिसके बाद लोग शांत हुए। एसओ ने कहा कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष की गिरफ्तारी जल्द ही की जाएगी।