मेंहदावल(संतकबीरनगर)। थाना क्षेत्र के खजुरा गांव में एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने वाले लखीमपुर खीरी जनपद के एक परिवार के दो बेटियों की सांप के डसने से मौत हो गई। रात में पीड़ितों को मेंहदावल सीएचसी व जिला अस्पताल लाया गया। एक की मौत रास्ते में हो गई जबकि दूसरे की मौत जिला अस्पताल में हुई। दोनों शवों को बिना पोस्टमार्टम कराए ही घरवाले लेकर अपने गृह जनपद चले गए।
मेंहदावल थाना क्षेत्र के खजुरा में स्थित एक ईंट-भट्ठे पर लखीमपुर खीरी जनपद का मुमताज परिवार समेत रहता था। मंगलवार की रात करीब दो बजे मुमताज की पुत्री 16 वर्षीया आसमा बेगम की चीख सुनकर अन्य लोगों की नींद खुली तो उसने सर्पदंश की बात बताई। हालत खराब देख परिजन उसे सीएचसी मेंहदावल ले गए जहां से जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया। रास्ते में ही आसमा बेगम की मौत हो गई। मजदूर अभी भट्ठे पर वापस पहुंचे ही थे कि दूसरी बेटी 13 वर्षीया तस्लीम की भी हालत बिगड़ गई। सुबह करीब पांच बजे तस्लीम को भी मेंहदावल सीएचसी लाया गया। डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां पर उसकी मौत हो गई। सीएचसी में आसमा बेगम व तस्लीम का इलाज करने वाले डॉ. ओमकारनाथ जायसवाल ने बताया कि दोनों को जब अस्पताल लाया गया तो उनकी हालत नाजुक थी। किसी जहरीले कीड़े के काटने के लक्षण दिख रहे थे। इसलिए प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस संबंध में कोतवाल श्रीप्रकाश यादव का कहना है कि जिला अस्पताल में सर्पदंश से मौत की सूचना मिली थी। परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव लेकर मेंहदावल लौट गए। इस संबंध में भट्ठा मालिक नरसिंह दूबे ने बताया कि तस्लीम की मौत इलाज के दौरान जिला अस्पताल में हुई जबकि आसमा की मौत रास्ते में ही हो गई।
धनघटा क्षेत्र में भी सर्पदंश से एक की जान गई
हैंसर। धनघटा क्षेत्र के बकौली कला गांव में 18 वर्षीया युवती को बुधवार की सुबह किसी जहरीले सर्प ने डस लिया। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बकौली कला गांव निवासी रमाशंकर की 18 वर्षीया पुत्री पिंकी सुबह करीब छह बजे घर के बगल में टहलने निकली थी। इसी दौरान किसी जहरीले सर्प ने डस लिया।