संतकबीरनगर। सरयू नहर खंड खलीलाबाद में सोमवार को जांच करने आए बस्ती मंडल के अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता के बीच जमकर नोकझोंक हुई। उसी दौरान एक्सईएन कार्यालय में ही कुछ कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता को करीब एक घंटे तक बंधक बनाए रखा। अधीक्षण अभियंता ने मोबाइल से डायल 100 नंबर पर पुलिस को घटना की सूचना दी। उसके बाद सीओ व कोतवाल भी मौके पर पहुंच गए और उन्हें कमरे से बाहर निकलवाया। अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। दोनों ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दे दी है। हालांकि खबर लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
अधीक्षण अभियंता सिंचाई निर्माण मंडल बस्ती मुरली प्रसाद का आरोप है कि वह सोमवार को अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड खलीलाबाद के कार्यालय में आकास्मिक निरीक्षण और सीएम के महत्वपूर्ण एजेंडे सरयू नहर के गैप की भूमि खरीदने के लिए आवंटित धनराशि के विरुद्घ भूप्रतिकर की प्रगति की समीक्षा करने पहुंचे। आरोप है कि उस समय अधिशासी अभियंता विजय कुमार अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं थे और उनके कर्मचारियों के जरिए बताया गया कि अधिशासी अभियंता नहीं है और वह लखनऊ से आ रहे हैं। उसके बाद उप राजस्व अधिकारी सहायक अभियंता एवं अवर अभियंता, जिलेदार, सींच पर्यवेक्षक तथा सींचपाल आदि मौजूद थे। कार्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर चेक किया तो कई लोग अनुपस्थित थे। समीक्षा में गैप की प्रगति काफी खराब मिली। उसी बीच अधिशासी अभियंता विजय कुमार पहुंच गए। बगैर किसी उच्चाधिकारी की अनुमति के जिला मुख्यालय से उनके बाहर जाने के बावत पूछताछ किया तो अधिशासी अभियंता भड़क गए। आरोप है कि उन्हें मारने- पीटने के लिए अपने कर्मचारियों को उकसा दिया। आरोप है कि उन्हें कमरे में बंद कर दिया गया। अधीक्षण अभियंता ने डीएम को बताया कि 32 साल से सरयू नहर परियोजना चल रही है। विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार नहीं होने देने की वजह से ही उनके साथ ऐसा दुर्व्यवहार किया गया। काश्तकारों की भूमि की रजिस्ट्री के लिए 200 करोड़ मिला है और किसानों को आन लाइन पेमेंट किए जाने का निर्देश है। जबकि डॉफ्ट के जरिए दिए जाने का प्रयास हो रहा है। उनके जरिए रजिस्ट्री में सिर्फ चार प्रतिशत का निर्देश है,जबकि सात प्रतिशत लिया जा रहा है। बस्ती में एक कर्मचारी ने अपने बेटे के नाम चार गुना रेट पर रजिस्ट्री करा लिया है। इस मामले में एक जनप्रतिनिधि के जरिए उन पर दबाव भी डाला गया। जबकि अधिशासी अभियंता विजय कुमार का आरोप है कि बिना किसी सूचना के अधीक्षण अभियंता मुरली प्रसाद उनके कार्यालय में पहुंच कर राजस्व कर्मियों के साथ समीक्षा कर रहे थे। उस दौरान सींचपाल,जिलेदार, उपराजस्व अधिकारी,सहायक अभियंता और चतुर्थश्रेणी कर्मचारी उपस्थित थे। उसी बीच वह भी पहुंच गए। आरोप है कि अधीक्षण अभियंता ने जिलेदार को निलंबित करने की धमकी दी और अपशब्द भाषा का प्रयोग किया। उन्हे देखते ही आग बबूला हो गए और उन्हें भी गाली गलौज देेते हुए मारने- पीटने के लिए अपना सूटकेस उनके ऊपर चला दिया। अधीनस्थ कर्मचारियों ने उन्हें बचाते हुए बाहर निकाला। कोतवाल वीरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि दोनों लोगों की तहरीर मिली है। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जबकि डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया कि दोनों अधिकारियों के बीच विवाद होने की सूचना मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।