पमनियरा। कोतवाली क्षेत्र के पैलीखास गांव के पूरब बागीचे में शनिवार को आम के पेड़ से लटकी महिला की लाश मिली। सबसे पहले चरवाहों की उस पर नजर पड़ी। थोड़ी ही देर में आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। इसी बीच डायल 100 की टीम के साथ कांटे चौकी के पुलिस कर्मी भी पहुंच गए। शव की पहचान पैलीखास के रामधनी की बेटी गुड़िया के रूप में हुई। शव को पेड़ की टहनी से दुपट्टे के सहारे लटकने और दोनों पैर में चप्पल होने से मामला संदिग्ध माना जा रहा है।
पैलीखास गांव निवासी वृद्ध रामलौट और उनकी पतोहू गीता देवी ने बताया कि 22 वर्षीय बेटी गुड़िया पुत्री रामधनी की शादी तीन साल पहले गोरखपुर जिले के सहजनवा क्षेत्र के मिनवाटिकरिया गांव में हुई थी। वर्ष भीतर ही गवना हो गया। ससुराल में कुछ दिनों तक रहने के बाद वह मायके पैलीखास गांव आ गई थी। ससुुराल वालों ने गुड़िया को छोड़ दिया था। इधर, कुछ महीने से गुड़िया का व्यवहार बदल गया था और वह उल्टी-सीधी हरकतें करने लगी थी। दोपहर करीब 12 बजे वह घर पर नहीं दिखी तो उसकी मां गीता देवी ने उसे ढूंढना शुरू कर दिया। दो बजे के करीब गांव के पूरब बागीचे में गुड़िया की लाश दुुपट्टे के सहारे आम के पेड़ मेें लटकने की सूचना मिली। उसके बाद बाबा रामलौट और मां गीता देवी वहां पहुंचे और शव की पहचान की। बाबा और मां ने आत्महत्या की बात बताई। गीता देवी ने बताया कि उसके पति रामधनी दिल्ली में मजदूरी करते हैं।
जबकि गांव के लोगों के मुताबिक, घर में कुछ अनबन हुई थी और उसी के बाद गुड़िया घर से निकल गई थी। बाद में उसकी लाश पेड़ से लटकी मिली। चर्चा तो यह भी थी कि वह फोन पर अधिक समय तक बातचीत भी करती थी। वैसे गुड़िया चार बहन और इकलौते भाई में सबसे बड़ी थी। गुड़िया की मौत से उसकी छोटी बहन प्रीति, कुमकुम, सावित्री और भाई सूरज का रो-रो कर बुरा हाल था। चौकी इंचार्ज भीम यादव ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि गुड़िया की शादी तीन साल पहले हुई थी। पति से उसके रिश्ते ठीक नहीं थे। दोनों के बीच संबंध टूट चुका था। शव की स्थिति देखकर प्रथम दृष्ट्या मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी। घटना से जुड़े हर पहलुओं की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।