संतकबीरनगर। दुधारा थाना क्षेत्र के चाईकला गांव निवासी एक व्यक्ति को दहेज के लिए पत्नी की हत्या के आरोप में 11 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा मिली है। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम राकेश पांडेय ने आरोपी सादिक अली के विरुद्ध दहेज हत्या का आरोप सिद्ध पाए जाने पर 11 वर्ष के सश्रम कारावास व दस हजार रुपये दंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन की तरफ से हेमंत कुमार ने पैरवी करते हुए बताया कि बस्ती जनपद के तेनुई गांव निवासी इजहार अली ने दुधारा थाने में केस दर्ज कराया था। इजहार अली ने बताया था कि दो नवंबर 2013 को उसने अपनी पुत्री रुबीना खातून की शादी चाईकला निवासी सादिक अली से की थी। आरोप है कि सादिक अली ने दहेज में 50 हजार रुपये की मांग की। दहेज की रकम नहीं मिलने पर उसने एक महीना 16 दिन बाद ही (19 दिसंबर 2013) पत्नी रुबीना को जलाकर मार डाला। अभियोजन की तरफ से आठ साक्षियों को प्रस्तुत किया गया। बचाव पक्ष ने चार साक्षियों को पेश किया। मामले की सुनवाई कर रहे एफटीसी प्रथम राकेश पांडेय ने परिस्थिति व साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सादिक अली को 11 वर्ष का सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न अदा करने पर तीन माह अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। सादिक अली घटना के बाद से ही जेल में हैं।