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चकिया गांव के पास टूटी पटरी, सतर्कता से बचा हादसा

Fri, 10 Aug 2018 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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टीम के साथ पहुंचे पीडब्लूआई, कराई मरम्मत। - फोटो : अमर उजाला
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संतकबीरनगर। गोरखपुर-लखनऊ रेल खंड के मुंडेरवा व चुरेब स्टेशन के बीच चकिया गांव के पास बुधवार की देर शाम ट्रैक टूटने की सूचना से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पीडब्लूआई डीके सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मरम्मत का कार्य शुरू कराया। गनीमत रही कि समय से ट्रैक टूटने की जानकारी मिल गई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
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मुंडेरवा-चुरेब स्टेशन के बीच चकिया गांव के पास बुधवार की शाम सात बजे के करीब गांव का ही युवक टहलते हुए पहुंचा। उसने ट्रैक टूटी देखा तो पास के गेट पर पहुंचा और गेटमैन दीनानाथ मंडल को इसकी जानकारी दी।

गेटमैन ने मौके पर जाकर देखा और इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। आनन-फानन में पीडब्लूआई के नेतृत्व में रेल कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत का कार्य शुरू कराया। इस दौरान गोंडा-गोरखपुर पैसेंजर डाउन, इंटरसिटी एक्सप्रेस डाउन, लखनऊ-बरौनी एक्सप्रेस डाउन ट्रेनों को कासन पर गुजारा गया।
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कुछ देर पहले ही गुजरी थी मालगाड़ी
आसपास के लोगों का कहना है कि चकिया के जिस स्थान पर रेलवे ट्रैक टूटा था, वहां से कुछ देर पहले ही मालगाड़ी गुजारी थी। गनीमत यह रही कि ट्रेन सही सलामत यहां से गुजर गई। यदि कहीं ट्रेन पटरी से उतरती तो कई ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हो सकता था या फिर कोई यात्री ट्रेन भी हादसे का शिकार हो सकती थी।

युवक की समझदारी से टला हादसा
चकिया गांव के निवासी 35 वर्षीय विवेक कुमार पुत्र सीताराम ने समझदारी व जिम्मेदारी का परिचय देते हुए तत्काल ट्रैक टूटे होने की सूचना रेलकर्मी को दी। इसके बाद रेल प्रशासन सक्रिय हुआ।

मौसम के प्रभाव से क्रेक हुआ ट्रैक
पीडब्लूआई डीके सिंह ने बताया कि मौसम के प्रभाव के कारण ट्रैक ज्वाइंट पर क्रेेक हुआ था, जिसे ठीक करा दिया गया है। ट्रेनों का आवागमन सामान्य हो गया है। उन्होंने ट्रैक क्रेक होने में किसी साजिश से इंकार किया।
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