ऑनलाइन शॉपिंग में ठगी करने वाला गैंग पकड़ा
संतकबीरनगर। एटीएमकार्ड और ऑनलाइन बैंकिंग से शॉपिंग करने वालों की डिटेल इंटरनेट से हैक करके ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले गैंग के पांच सदस्यों को सोमवार को पुलिस ने पकड़ा। गैंग के पास से पुलिस ने 25,000 रुपये की नकदी और 11,02,400 रुपये कीमती के सामान बरामद किए गए हैं। पुलिस की पकड़ में आए हैकर्स गैंग के सदस्य हरियाणा, गुजरात और गोरखपुर के अलावा संतकबीरनगर के रहने वाले हैं। एसपी का दावा है कि यूपी में पहली बार ऑन लाइन शॉपिंग करने वाले इतने बड़े गैंग को पकड़ने में पुलिस ने सफलता पाई है।
एसपी हेमराज मीणा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि कोतवाल राकेश सिंह यादव, स्वाट एवं सर्विलांस टीम प्रभारी राजकुमार यादव की टीम ने सोनी होटल के निकट से सूचना पर आनलाइन शॉपिंग करने वाले हैकर्स गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पकड़े गए युवकों की पहचान सनी नेहरा निवासी जनपद जिंद, हरियाणा, राहुल त्रिपाठी ,ध्रुपद प्रजापति निवासीगण सूरत, गुजरात और उद्देश्य अग्रवाल निवासी राजघाट गोरखपुर व अभिनव साहनी निवासी हैंसर बाजार, थाना धनघटा, संतकबीरनगर के रूप में हुई। कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक गिरोह है ,जो योजना बना कर इंटरनेट से ऑनलाइन शॉपिंग करता है।
आगे बताया कि सनी नेहरा को पूर्व में दिल्ली के हौजखास की पुलिस ने 92 लाख के साइबर फ्रॉड के संबंध में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। फ्रॉड कर ऑनलाइन खरीदी गई वस्तुओं को बरामद किया गया। इनके पास से दो एमएसआर मशीन व 26 ब्लैंक एटीएम कार्ड बरामद हुआ है। जिसके बारे में पूछने पर बताया कि वह लोग इसी मशीन के माध्यम से लोगों के एटीएम कार्ड का क्लोन बना कर उनके खाते से पैसे निकाल लेते हैं। इनके पास से छह लैपटॉप,प्रोटीन पाउडर के 76 डिब्बे, वैपर दो अदद, नौ रिकॉर्डर चश्मे ,एटीएम कार्ड क्लोन मशीन, 26 ब्लैंक एटीएम कार्ड , सीडी सॉफ्टवेयर, 12 मोबाइल फोन, एक टेबलेट , टीवी बॉक्स, माउस ,हेयर स्ट्रेटर, ड्रोन कैमरा सहित काफी मात्रा में शॉपिंग के जरिये खरीदा गया सामान बरामद किया गया है। गैंग पर जालसाजी, षड्यंत्र और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। एसपी ने पकड़ने वाली टीम को 5,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
इस तरह लगाते थे ऑनलाइन चूना
आरोपियों ने बताया कि इंटरनेट पर सर्व प्रथम फ्री शॉप एसीसी आरयू नामक बेबसाइट पर जाकर अपना यूजर आईडी व पासवर्ड रजिस्टर करते हैं। जिसके बाद उन लोगों को बेबसाइट पर इंटरनेरशन क्रेडिट कार्ड का विवरण जैसे उसका नंबर ,एक्सपायरी डेट, सीवीवी कोड खरीदने पर विकल्प मिलता है। क्रेडिट कार्ड के विवरण को खरीदने के लिए बिट कॉइन में भुगतान करना होता है। बिट कॉइन पाने के लिए वह लोग लोकल बिट यूएक्सएन डॉट काम पर जाते हैं और वहां से बिट कॉइन खरीद लेते हैं। इसके बाद ऑनलाइन शॉपिंग कर एटीएम कार्ड तथा ऑनलाइन बैंकिंग से खरीदारी करने वाले लोगों की डिटेल्स चुरा लेते हैं। इस डिटेल का उपयोग कर इंटरनेट पर उपलब्ध ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स से शॅापिंग, ऑनलाइन होटल बुकिंग, तथा ऑनलाइन एयर टिकट बुकिंग आदि करते रहते हैं। ऑनलाइन की गई खरीदारी को कूरियर के माध्यम से एक दूसरे के पते पर प्राप्त कर लेते हैं। प्राप्त सामान को आस-पास की दुकानों व लोगों को बेच कर पैसे प्राप्त कर लेते हैं।
- पांच सदस्य गिरफ्तार, अंतरराज्यीय गिरोह में हरियाणा, गुजरात, गोरखपुर के सदस्य
- 25,000 नकदी और 11,02,400 रुपये का सामान बरामद