लोहरौली। फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर लिपिक बने एक व्यक्ति पर शुक्रवार को दुुधारा पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। विद्यालय की शिकायत पर लिपिक के प्रमाण पत्रों की जांच डीआईओएस ने की थी। जिसमे प्रमाण पत्र फर्जी मिले थे। डीआईओएस की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने बताया कि राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सालेपुर में मार्च 2018 में जयचंद पुत्र रामसरन निवासी रामपुर कैथवलिया थाना पीपीगंज गोरखपुर ने लिपिक के पद पर कार्यभार ग्रहण किया था। वह तबसे लगातार कार्य कर रहा था। वहा कि प्रधानाचार्य ने लिपिक के वेतन लगाने के लिए प्रमाण पत्रो के सत्यापन की बात कही। लिपिक पर पहले से ही संदेह था। जब प्रमाण पत्रो का सत्यापन कराया गया तो सभी प्रमाण पत्र फर्जी निकले। जयचंद ने अपर शिक्षा निदेशक बेसिक इलाहाबाद का फर्जी लेटर तैयार कराकर डायट सुल्तानपुर के प्राचार्य का फर्जी रिलिविंग लेटर और वहा के ट्रेजरी से फर्जी वेतन का पत्र के आधार पर लिपिक के पद पर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सालेपुर में कार्यभार ग्रहण किया था। सभी कागजात फर्जी मिले है। डायट सुल्तानपुर के प्राचार्य ने लिखित में दिया है कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति उनके कार्यालय में तैनात नहीं रहा है। इस आधार पर जयचंद के खिलाफ दुधारा थाने में केस दर्ज कराया गया है। इसके साथ ही विद्यालय पर पुलिस को बुलाकर जयचंद को गिरफ्तार करवाया गया है। पुलिस आरोपी जयचंद को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। एसओ आरके गौतम ने बताया कि आरोपी जयचंद पर धोखाघड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।