बाघनगर। दुधारा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बाघनगर के दो युवकों की लखनऊ-फैजाबाद फोरलेन हाईवे पर शनिवार के भोर में रूदौली के पास भेलसर में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। इस हादसे में बाघनगर के ही अन्य दो लोग घायल हैं। इसमें एक घायल की हालत गंभीर है, जिसका लखनऊ के ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। हादसे की सूचना से गांव में कोहराम मच गया। स्कार्पियो सवार ये चारों लोग सऊदी अरब से हज करके घर वापस आ रहे एक युवक के माता-पिता को लखनऊ हवाई अड्डे से लाने जा रहे थे।
ग्राम पंचायत बाघनगर के अब्दुल मजीद अपनी पत्नी के साथ सऊदी अरब से हज करके घर वापस आ रहे थे। उनका 33 वर्षीय बेटा मोहम्मद जाकिर गांव के ही महफूज अहमद (30) पुत्र इशराफ अली, मोहम्मद इब्रा हीम (54) पुत्र फेरान अली व जावेद अहमद (23) पुत्र खलीलुर्रहमान बाघनगर गांव के प्रधान प्रतिनिधि मुनीर अहमद की स्कार्पियो गाड़ी से शुक्रवार की रात में करीब तीन बजे लखनऊ हवाई अड्डे पर के लिए घर से निकले। भोर में फैजाबाद-लखनऊ मार्ग पर भेलसर के पास ओवरटेक कर रहे ट्रक से टकरा गई। स्कार्पियो में सवार जावेद अहमद व मोहम्मद जाकिर की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा गाड़ी चला कर रहे मोहम्मद इब्राहीम के सिर व चेहरे पर गंभीर चोट लगी। उनका पैर गाड़ी में फंस गया था। महफूज अहमद को भी काफी चोटें आईं हैं। फैजाबाद पुलिस ने बाघनगर स्थित परिजनों के पास सुबह छह बजे फोन कर मामले की जानकारी दी। सूचना पर जिला पंचायत सदस्य मेहताब आलम लड्डू, बाघगनगर प्रधानपति मुनीर अहमद परिजनों के साथ फैजाबाद के लिए निकले।
17 नवंबर को होनी थी जावेद की शादी
बाघनगर। फैजाबाद-लखनऊ मार्ग पर रूदौली के पास हुए हादसे में युवक जावेद अहमद की मौत से परिवार सदमे में है। जावेद की 17 नंवबर को बलईपुर गांव में शादी तय थी। खलीलुरर्हमान के तीन बेटों में जावेद अहमद सबसे बड़ा था। उसके बाद परवेज अहमद 19 वर्ष व नावेद अहमद 16 वर्ष के हैं। जावेद अहमद बाघगनर में स्टेट बैंक के सामने मोबाइल की दुकान चलाते थे। साथ ही आनलाइन आवेदन फार्म व आधार कार्ड से पैसे निकलने का काम भी करते थे। दो छोटे भाईयों की पढ़ाई का खर्च का वहन करते थे। पिता खलीलुरर्हमान ने बताया कि बेटा जावेद अहमद पूरी जिम्मेदारी के साथ घर परिवार चला रहा था। बेटे की मेहनत से सब खुशहाल थे और शादी की तैयारी में लगे हुए थे।
मोबाइल पर आई मौत की खबर, चीख पड़ा परिवार
बाघनगर। बाघनगर गांव के जाकिर की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दो मासूम बच्चों की देखभाल कौन करेगा, यह सवाल लोगों की आंखें नम कर दे रहा था। पत्नी की चीख पुकार से सभी द्रवित थे। हाजी अब्दुल मजीद के सात बेटों में जाकिर दूसरे नबंर था। मृतक मोहम्मद जाकिर के एक बेटी अदीबा खातून 10 साल की तथा एक बेटा मोहम्मद हमजा सात साल का है। पिता की मौत की खबर सुनकर पत्नी आरफा खातून और दोनों बच्चे बिलख पड़े। गांव के मोहम्मद शमीम ने बताया कि सुबह छह बजे मोबाइल पर हादसे की खबर सुनकर परिवार के लोग विलाप करने लगा। जाकिर बच्चों को पढ़ा लिखाकर बेहतर इंसान बनाना चाहता था, लेकिन हादसे ने परिवार को मझधार में फंसा दिया।