अपनी खतौनी पर नजर रखें, नहीं तो बदल जाएगी वरासत
मेंहदावल तहसील में स्वर्गवासी दिखाकर वरासत का चल रहा खेल
क्षेत्र में तीन मामले प्रकाश में आने के बाद बढ़ी काश्तकारों की दिक्कतें
तारेश सिंह
मेंहदावल। दिवंगत दिखाकर वरासत करने का खेल मेंहदावल तहसील क्षेत्र में जोरों पर है। वैसे तो एक मामले में एसडीएम और तहसीलदार के आदेश पर नायब तहसीलदार ने हलका लेखपाल समेत तीन के खिलाफ अभियोग भी पंजीकृत कराया है। आरोपी पुलिस की पकड़ से तो अभी दूर हैं पर फर्जी वरासत का खेल थमता नजर नहीं आ रहा है।
मेंहदावल तहसील के कुछ चर्चित हलका लेखपालों के गलत वरासत के मामले प्रकाश में आने के बाद से ही काश्तकारों के माथे पर पसीना आने लगा है और उनकी चिंताएं बढ़ गयी है। फर्जी वरासत के लगातार मामले सामने आने व इसके शिकार लोगों की शिकायत के बाद भी प्रशासन गंभीर रुख नहीं अपना पा रहा, जिसके कारण लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं। मेंहदावल विकास खंड के तीन मामले काफी चर्चा में रहे, जिनमें जीवित व्यक्ति को मृत दिखाकर फर्जी तरीके से वरासत का पहला मामला ग्राम शिवरही का आया। इसमें बुद्धू को मृतक दिखाकर उसकी जमीन का वरासत किसी और को पुत्र बनाकर कर दिया गया। मामले को संज्ञान में लेने के बाद भी अल्पीकरण का खेल चला पर चर्चाओं में आने के बाद एसडीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार ने हलका लेखपाल दिव्यानी त्रिपाठी समेत तीन के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया। आरोपी अभी पुलिस पकड़ से दूर हैं। दूसरा मामला ग्राम पंचायत औरही का प्रकाश में आया। इसमें गुजराती पत्नी कुमार को हलका लेखपाल ने तीन वर्ष पूर्व ही स्वर्गवासी बनाकर पैतृक भूमि गिरधारी पुत्र कुबेर के नाम वरासत कर दी, जबकि गुजराती की मौत चार फरवरी 2019 को हुई और जब पौत्र गिरजेश वरासत के लिए प्रार्थना पत्र दिया तो मामला उजागर हुआ। वरासत का तीसरा मामला गगनईराव गांव का हैं, जिसमें एक ही व्यक्ति के नाम पूरी जमीन का वरासत कर दिया गया, जबकि इसके तीन हिस्सेदार थे। इन मामलों के उजागर होने के बाद भी तहसील क्षेत्र में फर्जी वरासत का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। इसके कारण काश्तकारों की भी चिंताएं बढ़ गयी हैं और तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खडे़ हो रहे हैं। एसडीएम प्रेम प्रकाश अंजोर का कहना हैं कि फर्जी वरासत के मामले को लेकर प्रशासन गंभीर है और जांच के बाद मामले की पुष्टि होते ही लेखपाल के विरुद्ध कार्रवाई व अभियोग पंजीकृत कराया गया है। शेष मामलों की भी जांच के आदेश दिए गए हैं।