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Sant Kabir Nagar News: तमाशगीन बने रहे लोग, मनबढ़ों की दबंगई से सहम गया गांव

Mon, 03 Jul 2023 11:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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धनघटा में रोते बिलखते मृतक वकील शर्मा के परिजन।संवाद
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संतकबीरनगर। लोहरैया। मनबढ़ों की दबंगई से भरवला पर्वता गांव दहल उठा। सोमवार की सुबह जब मनबढ़़ आरोपी सगे भाइयों ने मजदूर वकील शर्मा की फावड़े से प्रहार कर हत्या कर दी तो गांव के लोग तमाशगीन बने रहे। कोई बीच- बचाव करने नहीं आया। अलबत्ता पत्नी व बच्चे पहुंचे तो वह भी मनबढ़ों की लाठी का शिकार हुए।
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मजदूर का कसूर सिर्फ इतना था कि बारिश के पानी की वजह से वह अपने खेत में धान की रोपाई करने गया था। मजदूर ने प्रधान के भतीजे के खेत में रोपाई करने से मना कर दिया। घटना को लेकर गांव के लोग जहां सीधे- सीधे दबंगई बता रहे हैं, वहीं यह भी कह रहे हैं कि जिस रास्ते पर चलकर वर्ष-2016 में बाप मौत का शिकार हुए, उसी रास्ते पर बेटों ने चलना शुरू कर दिया है।
ग्रामीण यही बता रहे हैं कि किसी न किसी विवाद को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाला भरवल पर्वता में मजदूर वकील शर्मा पुत्र राम दत्त शर्मा के पास दोबारा पहुंचे हत्यारोपी बेकाबू हुए, अपने ऊपर काबू पा लिया होता तो शायद उनके शरीर पर खून का धब्बा नहीं लगता। गांव वालों का कहना है कि वकील शर्मा उन्हीं के घर रहकर हमेशा मजदूरी करता था। बरसात का पानी अपने खेत में जमा होने के कारण परिवार के लोगों के साथ अपने खेत में धान की रोपाई करने चला गया। जहां हत्यारोपी अजयपाल, विजयपाल पुत्र स्वर्गीय राकेशपाल वकील के खेत में पहुंचे। वहां उसको भला बुरा कहने के बाद घर लौट आए।
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वकील भी अपने घर पहुंचा। इतने में दोनों भाई राॅड और फावड़ा लेकर वकील के घर पहुंचे और उसकी पिटाई करने लगे। फावड़े से उसके सिर पर प्रहार किया जो जानलेवा बन गई। उसके बाद हमलावर भाग निकले। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जिस समय वकील की बेरहमी से पिटाई की जा रही थी, उस समय गांव के कई लोग घटनास्थल से थोड़ी दूर पर मौजूद थे, लेकिन डर के कारण बीच-बचाव का साहस नहीं कर सके। जबकि वकील का बचाव करने पहुंची उसकी पत्नी सुनीता और बेटी शन्नो को भी हमलावरों ने मारपीट कर घायल कर दिया। घटना के बाद परिवार में जहां कोहराम मच गया, वही गांव में दहशत फैल गई। संवाद

वर्ष 2016 में हुई थी हत्यारोपियों के पिता की हत्या
भरवल पर्वता में दो परिवारों के बीच वर्चस्व ही जंग दो दशक से चली आ रही है। मजदूर वकील की हत्या ने गांव में तीसरा गुट पैदा कर दिया। गांव वालों का कहना है कि पूर्व प्रधान भास्कर पाल और राकेश पाल के बीच चुनावी रंजिश के साथ-साथ वर्चस्व की लड़ाई लंबे समय से चली आ रही थी। वर्ष 2006 में पूर्व प्रधान भास्कर पाल की हत्या हुई तो हत्यारोपी राकेश पाल और अन्य लोग बनाए गए। उसके बाद 2016 में राकेश पाल की हत्या घाघरा नदी के कम्हरिया घाट पर गोली मारकर कर दी गई थी, जिसमें भास्कर पाल के बेटे को हत्यारोपी बनाया गया। राकेश पाल की हत्या के बाद उनका परिवार बिखर चुका था। गांव के लोग बताते हैं कि वकील शर्मा उनके घर जाकर खेत खलिहान देखने का काम किया करते थे। सोमवार को वकील शर्मा की फावड़े से वारकर हत्या जब राकेश पाल के पुत्र अजय पाल और विजयपाल ने कर दी, तो गांव के लोग दंग रह गए। गांव वालों ने कहा कि खून पसीना बहाकर वकील ने जिसको पाला पोसा, वही आज उनके जान का दुश्मन हो गए।


मजदूर की हत्या से बिखर गया परिवार

मेहनत मजदूरी के सहारे परिवार का पालनहार रहे वकील शर्मा की हत्या के बाद परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा। शादी करने योग्य हो चुकीं बेटियों के हाथ कैसे पीले होंगे और बेटों को शिक्षा कौन दिलाएगा। यह बात जेहन में आते ही मृतक के बुजुर्ग मां-बाप और पत्नी रोते-रोते अचेत हो जा रहे थे। इस घटना से पूरे गांव के लोग गमगीन थे और हत्यारोपियों को कोस रहे थे।

राम दत्त शर्मा के तीन बेटों में से वकील शर्मा सबसे बड़े थे। सभी का परिवार अलग-अलग रहता था। इसके बावजूद सरल स्वभाव के धनी वकील शर्मा अपने भाइयों की भी मदद करने में पीछे नहीं थे। 21 वर्षीय सबसे बड़ी बेटी सन्नो की शादी वकील शर्मा कर चुके थे, जबकि 18 वर्षीय काजल और 15 वर्षीय शालिनी की शादी नहीं हुई थी। 13 वर्षीय बेटा कृष्णा कक्षा सातवीं में तो 10 वर्षीय बेटा सूरज कक्षा चार में पढ़ते हैं।
गांव वालों का कहना था कि वकील बहुत ही मेहनती और इमानदार थे। थोड़ा कड़ियल स्वभाव के कारण वह न तो किसी से कड़े शब्दों में बोलते थे और न ही किसी काे बर्दाश्त करते थे। गांव में उनसे किसी से दुश्मनी नहीं थी, लेकिन जिस अजय और विजय को उन्होंनेे पाल पोस कर बड़ा किया, वही उसकी जान के दुश्मन बन गए। घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। पुलिस की गाड़ियां जब आती जाती थी तो लोग दूर से ही टकटकी लगाए देखते थे।
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