संतकबीरनगर। दरिंदे नासमझ बच्चियों को निशाना बना रहे हैं। लालच देकर बच्चियों से दोस्ती गांठकर उनकी जिंदगी से खेल रहे हैं। कम उम्र की नासमझ बच्चियां नहीं जानतीं कि जिसे दोस्त समझ रही हैं, वे दरिंदे हैं। इसमें रिश्ते भी शर्मसार हो रहे हैं। दरिंदगी का खेल, खेल रहे दरिंदे जेल भेज भी दिए जाएं तो कुछ दिनों में बाहर आ जाते हैं, लेकिन बच्ची की जिंदगी में जो तबाही मचती है, वह उसे जीवन भर उबरने नहीं देती है।
13 साल की दुष्कर्म पीड़ित किशोरी आपबीती पूछते ही सिसकने लगी। कहती है कि वह समझ ही नहीं पाई कि उसके अपने ही चाचा दरिंदगी करेंगे। घटना 12 मई की है। उसके मां-बाप कहीं बाहर गए थे। चाची भी घर पर नहीं थी। उसी दौरान चाय बनाने के लिए चाचा ने बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। यदि उसे पहले से पता होता कि रिश्ते में पिता समान चाचा उसकी जिंदगी तबाह कर देंगे, तो शायद उनके बुलाने पर कभी नहीं जाती। मां-बाप कहते हैं कि मानवता और सामाजिक भय भी दरिंदों में नहीं है।
दुष्कर्म की शिकार बच्चियां कहती हैं कि इज्जत- आबरू गंवाने के बाद अब हमें समाज के ताने सुनने पड़ते हैं। अपने ही कटने लगते हैं। मां-बाप की बेरुखी से पीड़ित बच्चियों की मानसिक स्थिति और भी खराब हो रही है। कई तो ऐसी हैं कि जो समय से इलाज न होने की वजह से अवसाद में चली जाती हैं। ऐसे में कई बार वे आत्मघाती कदम उठाकर खुद की जिंदगी ही खत्म कर देती हैं, तो कई बार उन्हें ठीक करने के लिए मां-बाप को शहर छोड़ने जैसा बड़ा फैसला लेना पड़ता है।
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केस- 1
मई में कोतवाली क्षेत्र में चार साल की बच्ची के साथ एक फैक्ट्री में सामान गिराने आए ट्रक के खलासी ने दुष्कर्म किया। आरोपी बच्ची काे बहला फुसला कर सुनसान जगह ले गया और उसके साथ हैवानियत की। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया।
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केस- 2
डेढ़ माह पहले बखिरा क्षेत्र में एक सात साल की बच्ची को पड़ोसी युवक ने पांच रुपये देने का लालच देकर बुलाया और अपने अहाते में ले गया। आरोपी युवक ने बच्ची के साथ दरिंदगी की। बच्ची की हालत भी बिगड़ गई। मामला खुला तो पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
केस -3
25 दिन पूर्व बखिरा क्षेत्र के एक गांव में चार साल की बच्ची को टाॅफी का लालच देकर पट्टीदारी के युवक ने बुलाया और बच्ची से दुष्कर्म किया। बच्ची की तबीयत बिगड़ी और परिजन परेशान हो गए। मामले की जानकारी होने के बाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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समाज में बढ़ रही लैंगिक हिंसा के पीछे सबसे बडा कारण गलत समाजीकरण है। आज संयुक्त परिवार का विघटन हो रहा है, एकल परिवार का चलन बढ़ रहा है। एकल परिवार में बच्चों का सही समाजीकरण नहीं हो पा रहा है। इसके साथ ही मोबाइल, इंटरनेट के दुुरपयोग के कारण भी युवाओं में हिंसात्मक प्रवृत्ति बढ़ रही है।
- डॉक्टर विजय मिश्रा, समाजशास्त्री
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ओपने सोसायटी के चक्कर में भटकाव हो रहा है। पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव बढ़ा है। कई अभिभावक घर में ओपेन सोसायटी की बात बेहिचक करते हैं। कम उम्र के बच्चे उसके सही मायने समझे बिना इस सोसायटी का हिस्सा बनने की कोशिश करते हैं। फिल्में, टीवी सीरियल भी प्यार को अलग तरह से परिभाषित करते हैं। बेटा हो या बेटी सभी चीजों का प्रभाव उनके रहन, सहन सोचने के ढंग पर असर डालता है। भटकाव की नौबत तक ले जाता है।
-डॉक्टर मंजू मिश्रा, मनोवैज्ञानिक