संतकबीरनगर। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला कक्षा नौंवी का छात्र रविवार को घूमने लखनऊ चला गया। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने तलाश की, जब पता नहीं चला तो सोमवार की सुबह परिजनों ने एसपी को बेटे के अपहरण होने की आशंका जताते हुए सूचना दी। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की तो बस में बस्ती की लोकेशन मिली। पुलिस ने कांटे में बस रुकवा कर छात्र को उतारा।
15 वर्षीय किशोर कक्षा नौंवी में पढ़ता है। रविवार की शाम चार बजे छात्र बाल कटवाने गांव के पास चौराहे पर जाने की बात कह कर घर से साइकिल से निकला। देर शाम तक छात्र घर नहीं पहुंचा तो परिजनों को चिंता सताने लगी। परिजनों ने पूरी रात नाते- रिश्तेदारों और उसके दोस्तों के यहां संपर्क किया, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
सोमवार को मां ने पहले कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर बेटे के लापता होने की सूचना दी। बाद में एसपी से संपर्क कर बेटे का अपहरण होने की आशंका जाहिर की। बताया कि बेटे के पास जो मोबाइल है, कभी चालू हो रहा है तो कभी बंद हो जा रहा है। मां तमाम तरह की आशंका से परेशान थी। एसपी सत्यजीत गुप्ता ने प्रकरण को गंभीरता से लिया और प्रभारी कोतवाल हरिकेश भारती को छात्र की तलाश करने का निर्देश दिया। एसपी के निर्देश पर सर्विलांस सेल ने तत्काल काम करना शुरू कर दिया तो छात्र की लोकेशन बस्ती के आसपास की मिली।
इधर प्रभारी कोतवाल ने कोशिश करके छात्र की लखनऊ से गोरखपुर जा रही बस में लोकेशन होने की जानकारी जुटाई। बस के चालक और परिचालक का नाम मोबाइल नंबर ट्रेस करके वार्ता करके छात्र को सुरक्षित खलीलाबाद तक लाने की हिदायत दी। पुलिस कांटे चौकी के पास बस का इंतजार कर रही थी। जैसे ही बस गुजरी, बस को रोक लिया गया और छात्र को सुरक्षित उतारा।
प्रभारी कोतवाल हरिकेश भारती ने बताया कि पूछताछ में छात्र ने बताया कि वह घूमने ट्रैवलर से लखनऊ गया था, जहां से लौट रहा था और पुलिस ने उसे कांटे में उतार लिया। पुलिस की सूचना पर परिजन पहुंच गए। परिजन बेटे को पाकर काफी खुश हो गए और किसी तरह की कार्रवाई नहीं किए जाने की मांग की। परिजनों ने पुलिस के कार्य की सराहना की।