धनघटा। थाने में तैनात दरोगा की चोरी गई बाइक के साथ एक और बाइक 48 घंटे के भीतर बरामद कर पुलिस भले ही अपनी नाक बचाने में कामयाब हुई हो, लेकिन बंडा बाजार में आभूषण और किराने की दुकान में हुई भीषण चोरी का पर्दाफाश करने में विफल है।
तीन सितंबर की रात बंडा बाजार में स्थित भोलानाथ वर्मा के आभूषण की दुकान का ताला तोड़कर चोर घुस गए थे। भोलानाथ वर्मा के अनुसार चोर 10 लाख से अधिक के जेवरात चुरा लिए थे। उसी रात उनकी दुकान से दक्षिण गागरगाड में स्थित अरविंद चौधरी के किराने की दुकान का ताला तोड़कर 20,000 रुपये समेत अन्य सामान चोर उठा ले गए थे। घटना हुए एक सप्ताह का समय बीतने वाला है, लेकिन इस मामले में अभी तक पुलिस के हाथ खाली है, जिससे पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़ा कर रहा हैं। शनिवार को जब दरोगा की चोरी गई बाइक बरामद होने की जानकारी लोगों को हुई तो लोगों की जुबान पर तरह-तरह की बातें आने लगी।
लोगों का कहना था कि जब अपने पर पड़ी तो पुलिस 48 घंटे के भीतर चोरों को ढूंढ निकाली ही नहीं चोरी गई बाइक भी बरामद कर ली। जब इसी तरह की घटना आम लोगों के साथ होती है तो पुलिस चोरों के पीछे उतना नहीं भागती है। जितना पुलिस के पीछे पीड़ित दौड़ता है। पुलिस अगर इसी तरह सक्रिय होकर घटनाओं का पर्दाफाश करें तो शायद चोरी जैसी घटनाओं पर लगाम लग जाए। एसओ संतोष मिश्रा ने बताया कि चोरी की घटना के पर्दाफाश के प्रयास में पुलिस जुटी हुई है।