संतकबीरनगर। जिले में कोविड संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिले में डेढ़ माह में 89 संक्रमित मिल चुके हैं। इसके साथ ही अभी भी आठ लाख लोगों को द्वितीय डोज व बूस्टर डोज नहीं लग पाई है, हालांकि पिछली बार टीकाकरण में जिले के बेहतर प्रगति पर शासन से सम्मान मिला था। इस बार जिले में वैक्सीन ही नहीं है, जबकि प्रतिदिन वैक्सीन लगवाने के लिए लोग अस्पताल का चक्कर लगा रहे हैं। कोविड संक्रमण काल के दूसरे चरण के बाद कोविड वैक्सीन लगाने के लिए अभियान चलाया गया। इस दौरान करीब 11 लाख लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। इसमें प्रथम डोज, द्वितीय डोज और बूस्टर डोज शामिल है। उसके बाद वैक्सीन समाप्त हो गई। लगातार वैक्सीन लगाने में जिले की बेहतर प्रगति पर शासन स्तर से अप्रैल में सम्मान मिला था।
इधर दिसंबर के बाद से कोरोना के मरीज आने शुरू हो गए। उस समय शासन से 90 हजार वायल वैक्सीन की डिमांड दिसंबर में की गई थी। फरवरी में मात्र 9900 वैक्सीन मिली। यह वैक्सीन एक माह में ही समाप्त हो गई। इधर अप्रैल से जिले में कोरोना का प्रकोप बढ़ गया। इसको देेखते हुए लोग वैक्सीन लगवाने के लिए जिला अस्पताल और सीएचसी पहुंच रहे हैं, लेकिन कोरोना की वैक्सीन न होने की वजह से निराश लौट जा रहे हैं।
सीएचसी खलीलाबाद पर बूस्टर डोज लगवाने आए शीला, दीपक आदि का कहना है कि वह एक माह से वैक्सीन लगवाने के लिए परेशान हैं, अभी तक वैक्सीन नहीं आई है। यही हाल अन्य सीएचसी का भी है।
कोरोना वैक्सीन की डिमांड की गई है। जैसे ही वैक्सीन जिले में आता है तो टीकाकरण की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
-डॉ. एस रहमान, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी