- गैरइरादतन हत्या के मामले में दोषी पाए गए
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट प्रथम दिनेश प्रताप सिंह की कोर्ट ने एक ही परिवार के सात सदस्यों को गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी पाए जाने पर सात-सात साल का करावास और 11000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया। ऐसा न करने अदा करने पर एक-एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतनी होगी। अर्थ दंड की धनराशि में से आधी धनराशि मृतक के परिजन को देय होगी।
विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि वादिनी मुकदमा मुलुकराजी देवी पत्नी फूलचंद यादव द्वारा पुलिस उप महानिरीक्षक बस्ती को इस आशय का लिखित तहरीर दिया कि उसका छोटा बेटा चंद्र प्रकाश पशु लेकर गांव के पूरब अपनी चक की तरफ जा रहा था। पशु अचानक दौड़कर रामनरेश के खलिहान में भूसे में चली गई। इसी बात पर रामनरेश, सुभाष पुत्रगण कलपू चंद्रशेखर पुत्र रामनरेश, विनोद पुत्र सुभाष, राम नरेश की पत्नी गुलाबी देवी, अनीता, गीता कलिंदा पुत्रीगण राम नरेश लाठी-डंडा लेकर जान से मारने की धमकी देते हुए 17 अप्रैल 2009 को सुबह छह बजे दरवाजे पर चढ़ आए।
उसने अपशब्द कहने से मना किया तो उसे लाठी-डंडे से मारने लगे। इसके बेटे चंद्र प्रकाश को काफी चोटें आईं। चंद्रप्रकाश को लेकर सीएचसी खलीलाबाद पर ले गए। जहां डॉक्टर ने इलाज के बाद मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में चंद्र प्रकाश उपचार के दौरान ही 25 अप्रैल 2009 को मृत्यु हो गई। 17 अप्रैल 2009 एवं 26 अप्रैल 2009 को थाना खलीलाबाद पर सूचना दिया। तहरीर के आधार पर कोतवाली खलीलाबाद में केस दर्ज हुआ।
विवेचना के दौरान विवेचक ने समस्त औपचारिकताएं पूर्ण करने के उपरांत आरोपी राम नरेश, यादव ,चंद्रशेखर यादव, गुलाबी देवी, विनोद यादव ,गीता, कलिंदा, अनीता व सुभाष के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या तथा अन्य धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। आरोपी विनोद यादव की पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड भेजी गई। शेष आरोपियों के विरुद्ध आरोप विरचित किए गए। जिसे पढ़कर आरोपियों को सुनाया गया। आरोपियों ने आरोप से इनकार किया और विचारण की मांग किया।
कोर्ट ने गवाहों की गवाही और अभिलेखीय साक्ष्य एवं पक्षों की बहस सुनने के एक ही परिवार के राम नरेश यादव, चंद्र शेखर यादव, गुलाबी देवी, गीता, कलिंदा, अनीता, सुभाष को गैर इरादतन हत्या के दोषी पाए जाने पर प्रत्येक को सात-सात साल कारावास और 11000-11000 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया।