कोर्ट ने बहू समेत छह आरोपियों पर केस दर्ज करने का दिया आदेश
संतकबीरनगर। सीजेएम महेंद्र सिंह ने धनघटा क्षेत्र के एक मामले में बहू समेत छह आरोपियों पर मुकदमा दर्ज किए जाने का आदेश धनघटा पुलिस को दिया है। पीड़ित ससुर के आवेदन पर कोर्ट ने यह आदेश दिया है।
अधिवक्ता विवेक कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि धनघटा क्षेत्र स्थित बरपरवा निवासी 76 वर्षीय राम दरश सिंह के तीन बेटे थे। पवन सिंह बड़ा बेटा था। बडे़ बेटे पवन की शादी 21 मई 2017 को धनघटा क्षेत्र के प्रजापतिपुर के जीवन सिंह की पुत्री संध्या सिंह से हुई थी। शादी के बाद पवन सिंह मजदूरी करने बाहर चले गए। आरोप है कि बहू का संबंध उसके बहनोई से होने की जानकारी जब बेटे को हुई तो वह घर आ गया। इस मामले को लेकर पंचायत हुई। जिसमें बहू ने भविष्य में ऐसी गलती नहीं होने की बात कही। आरोप है कि आरोपियों ने उसी रंजिश में उसके बेटे को रास्ते से हटाने के लिए कुचक्र रचा। बेटा पवन पांच अगस्त 2019 को बहू संध्या को लेकर बेंगलौर के लिए घर से निकला, तभी से उसका पता नहीं चल रहा है। फोन भी लग नहीं रहा है।
दस सितंबर 2022 की रात संध्या अपने बहनोई रणविजय सिंह, भाई कृष्ण नंद आदि के साथ उसके घर बरपरवा आई और मकान के एक हिस्से में रहने लगी। संध्या से जब पवन के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहा तो खेत व मकान की मांग करती है। कहती है पवन सिंह को जिस तरह मार कर लाश को छिपा दिया है, उसी तरह उसे भी जान से खत्म करके लाश को छिपा देंगी। इस मामले में थाने पर और उच्चाधिकारियों को सूचना दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। एसपी को भी जरिए रजिस्ट्री सूचना दी, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन पीड़ित पिता ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने सुनवाई के बाद छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने का आदेश धनघटा पुलिस को दिया है।