15 दिन में आख्या प्रस्तुत करने का भी आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट जितेंद्र सिंह की कोर्ट ने बच्चों को जाति सूचक शब्द कहते हुए मारपीट के मामले में आरोपी बनाए गए वन दरोगा व लकड़ी के दुकान मालिक के विरुद्ध सुनवाई के बाद थानाध्यक्ष कोतवाली खलीलाबाद को केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
पीड़ित के अधिवक्ता रणजीत कुमार चौधरी ने बताया कि थाना कोतवाली अंतर्गत ग्राम गंगा देवरिया के रहने वाले साधुशरन ने कोर्ट में तहरीर दिया कि पांच फरवरी 2024 को उसका पुत्र राजकुमार गांव के अन्य दो बच्चों के साथ सड़क से जा रहा था। इतने में आरोपी वन दरोगा विनोद यादव बाइक से आरोपी पवन कुमार की लकड़ी की दुकान के सामने आए। मोटरसाइकिल स्टैंड सही न लगने के कारण खड़ी नहीं हो पाई और गिर गई। उस दौरान बच्चे हंस दिए। इतने में नाराज होकर विनोद यादव व पवन कुमार उसके पुत्र राजकुमार को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए मारने-पीटने लगे। साथ ही जान से मारने की धमकी देने लगे।
राजकुमार व अन्य बच्चे चिल्लाने लगे। शोर पर वह तथा अगल-बगल के लोग पहुंचे। आरोपी विनोद यादव अपने को वन विभाग का अफसर होना बताकर रोब दिखाते हुए सबके सामने उसके पुत्र को जूते से मारा और हाथ जुड़वाकर माफी मंगवाया। कोर्ट ने सुनवाई के पश्चात आरोपी विनोद यादव (वन दरोगा) व पवन कुमार निवासी गंगा देवरिया के विरुद्ध थानाध्यक्ष कोतवाली खलीलाबाद को केस दर्ज करने का आदेश दिया है। साथ ही विवेचना कर 15 दिन में आख्या प्रस्तुत करने का भी आदेश दिया है।