संतकबीरनगर। विद्युत निगम की मनमानी बुधवार को भारी पड़ गई। जिला उपभोक्ता फोरम ने विद्युत निगम के खिलाफ फैसला सुनाते हुए उपभोक्ता के खिलाफ 14, 71, 397 रुपये के वसूली अधिपत्र व विद्युत बिल निरस्त करते हुए मानसिक व शारीरिक क्षतिपूर्ति के एवज में एक लाख तथा वाद व्यय के रुप में रुपये 10 हजार अतिरिक्त 60 दिनों के भीतर अदा करने का आदेश दिया है।
इसके साथ ही उपभोक्ता के जरिये अतिरिक्त जमा धनराशि 75 हजार रुपये देयता बनने पर आठ प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश निगम को दिया। अधिवक्ता अंजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र के गजपुर निवासी विनोद प्रताप सिंह ने जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल किया, जिसमें कहा कि उन्होंने पांच मई 2005 को आटा चक्की चलाने के लिए कनेक्शन लिया था। वह प्रत्येक माह बिल जमा करते रहे, लेकिन निगम के जरिये कभी जमा किया गया रकम घटाया नहीं गया।
26 सितंबर 2018 को निगम द्वारा फोर्स्ड पीडी कर दिया गया। बकाया के संबंध में कभी कोई नोटिस नहीं दिया गया। 25 दिसंबर 2022 को 14 लाख 71 हजार 397 रुपये का वसूली अधिपत्र भेज दिया गया। राजस्व के कर्मचारी उन्हें परेशान करने लगे। सामाजिक प्रतिष्ठा का हनन हुआ। उनका कहना है कि 75 हजार रुपये उनसे निगम द्वारा ज्यादा जमा कराया गया है। पीड़ित शिकायतकर्ता निगम में चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। थक-हारकर न्यायालय की शरण में आना पड़ा। न्यायालय ने परिवादी के जरिये दाखिल पत्रावली पर उपलब्ध कराए गए प्रपत्रों व साक्ष्यों का अवलोकन करने तथा अधिवक्ता के बहस को सुनने के उपरांत विद्युत विभाग के खिलाफ फैसला सुनाया है।