संतकबीरनगर। कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में चुरेब और मुंडेरवा के बीच स्थित रेलवे ट्रैक को पार करते समय एक बुजुर्ग दंपती की गोंडा पैसेंजर ट्रेन से कटकर दर्दनाक मौत हो गई। घटना चकिया गांव के सामने हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के चकिया गांव के मूल निवासी प्रहलाद गोंड (75) नगर सहकारी बैंक के सेवानिवृत्त कर्मचारी तथा अखिल भारतीय गोंड महासभा के प्रांतीय संरक्षक थे। वह घर से सुबह बस्ती में संगठन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। वह घर से निकले तो उनकी पत्नी संतराजी देवी (70) उन्हें रेलवे ट्रैक पार कराने के लिए उनके साथ निकलीं।
सुबह 9 बजे के करीब जब वह अपने पति को रेलवे ट्रैक पार करा रही थीं, उसी समय गोरखपुर-गोंडा पैसेंजर ट्रेन आ गई। दोनों ही ट्रेन की चपेट में आ गए और मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने इस बात की सूचना मुकामी पुलिस को दी। कांटे चौकी प्रभारी राम वशिष्ठ अपने सिपाहियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पति-पत्नी को कम सुनाई देता था
मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि पति पत्नी दोनों को कम सुनाई देता था। जब ट्रेन आ रही थी तो ड्राइवर ने ट्रैक पर दोनों को देखा तो जोर से लगातार सीटी बजाया, लेकिन उन लोगों ने सुना नहीं। चूंकि ट्रेन की गति काफी तेज थी, इसलिए इमरजेंसी ब्रेक नहीं लग पाया। इसी के चलते यह हादसा हुआ है।
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गांव में धान की खेती देखने के लिए आए थे
उनके बड़े बेटे सुभाष ने बताया कि उनका पूरा परिवार खलीलाबाद में रहता है। माता-पिता दो दिन पहले गांव में धान की फसल देखने आए थे। पिता जी को शपथ ग्रहण समारोह में जाना था। वह हाईवे पर बस पकड़कर बस्ती जाने के लिए निकले थे। इसी दौरान यह दुखद घटना हो गई।
अपने पीछे छोड़ गए चार बेटे व एक बेटी
प्रहलाद गोंड 2014 में जिला सहकारी बैंक में क्लर्क पद से रिटायर हुए थे। उनके कुल चार बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा सुभाष चंद्र, मझला रमेश चन्द्र प्राइवेट नौकरी करते हैं। तीसरे नंबर का बेटा कमलेश चन्द्र हार्डवेयर की दुकान चलाता है। वहीं छोटा बेटा हिमेश एडवोकेट हैं। एक बेटी सुधा है, जिसकी शादी हो चुकी है।