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सात दिन से लापता युवक की सरयू में लाश मिली

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संदीप की फाइल फोटो। - फोटो : KHALILABAD
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लापता युवक की सरयू में लाश मिली
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रोसया (संतकबीरनगर)। एक सप्ताह से लापता क्षेत्र के नरायनपुर गांव निवासी युवक की लाश शुक्रवार को दोपहर गांव के दक्षिण सरयू नदी में तैरती हुई मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक का हाथ और पैर साड़ी से बंधा था। साड़ी गांव की एक महिला का होना बताया गया। पीड़ित पिता ने बेटे का अपहरण कर उसकी हत्या करने का आरोप कुछ लोगों पर लगाया है। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पीड़ित पिता रामचंद्र शुक्रवार को दोपहर में एएसपी के समक्ष उपस्थित होकर आरोप लगाया कि उसका 25 वर्षीय बेटा संदीप 22 नवंबर की शाम खेत में काम करने के बाद थोड़ी देर में आने की बात कहकर निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा। तभी से बेटे की तलाश कर रहा था। पीड़ित पिता को मोबाइल के जरिए सूचना मिली कि बेटे की सरयू नदी में लाश मिली है। एएसपी ने तत्काल एसओ धनघटा को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। इधर धनघटा पुलिस मौके पर पहुंच गई। जहां पता चला कि गांव निवासी सदानंद सरयू नदी के किनारे गए थे। नदी में उन्होंने लाश तैरती हुई देखी। सदानंद ने गांव के लोगों को जानकारी दी तो लोग पहुंचे और लाश को बाहर निकालने के बाद संदीप के रूप में उसकी शिनाख्त की। मृतक का हाथ और पैर बंधा हुआ था। गांव के लोग गांव निवासी एक महिला की साड़ी से संदीप के शव को बंधा होने की बात बता रहे थे। एसओ रणधीर मिश्र ने बताया कि शव को कब्जे में ले लिया गया है। अभी इस मामले में तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कमाऊ सदस्य की मौत से बिलख पड़ा परिवार
रोसया (संतकबीरनगर)। लापता बेटे संदीप की शुक्रवार को सरयू नदी में लाश मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां-बाप, बहन, भाई और पत्नी का रो- रोकर बुरा हाल था। घर के कमाऊ सदस्य की मौत होने के बाद गांव के लोग यही कह रहे थे कि अब इस परिवार को कौन संभालेगा।
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नरायनपुर गांव निवासी 52 वर्षीय रामचंदर के सात संतानों में संदीप सबसे बड़ा था। चार बहनों और दो भाइयों समेत मां-बाप, पत्नी व दो बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी संदीप के कंधों पर थी। रामचंदर अब तक चार बेटियों में सिर्फ बड़ी बेटी सरिता की ही शादी कर पाए हैं। पूजा 20 वर्ष, संध्या 13 वर्ष और कॉजल आठ वर्ष की है। भाई रणविजय 18 वर्ष, दुर्गविजय 11 वर्ष की भी शादी नही हुई है। मां किसा देवी रो- रो कर बुरा हाल था। पत्नी सिमरावती देवी रोते- रोते अचेत हो जा रही थी। संदीप का चार वर्षीय बेटा अंश और दो वर्षीय बेटा धनजंय दरवाजे पर जुटी भीड़ और रोते बिलखते परिजनों को निहार रहे थे। गांव वालों का कहना था कि संदीप मृदभाषी के साथ मिलनसार थे। परिवार की पूरी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी।
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