संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश सहकारी समिति के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पर धरना दिया। कर्मचारियों ने कहा कि लगातार धरना के बाद भी न तो विभागीय अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही सरकार ही मांगों को लेकर गंभीर है। ऐसे में मांगे पूरा होने तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
जिलाध्यक्ष मोतीलाल यादव ने कहा कि प्रदेश के प्राइमरी कृषि ऋण सहकारी समितियों में काम करने वाले 25 हजार सचिव, आंकिक विक्रेता, सहयोगी और चौकीदार अपने दायित्वों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।
खाद-बीज, कीटनाशक दवाएं, कृषि यंत्र का वितरण एवं मूल्य समर्थन योजना के तहत धान, गेहूं खरीद जैसे कार्य की जिम्मेदारी भी हमारे ऊपर है, लेकिन हमारी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि समिति के कर्मचारियों का वेतन कई माह से बकाया है, ऐसे में संपूर्ण बकाया वेतन प्राथमिकता के आधार पर दिया जाए।
समिति के कर्मचारियों में से कैडर सचिव के पद पर समायोजित सचिवों को वरिष्ठता के आधार पर वेतनमान दिया जाए। सचिव के रिक्त पदों पर समिति के कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर नियुक्त किया जाए। धरना के बाद आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता को संबोधित मांग पत्र भेजा गया। धरना में फूलचंद्र चौधरी, वीरेंद्र कुमार, कृष्ण प्रताप सिंह, शैलेंद्र कुमार सिंह, अवनीश कुमार सिंह, हरीराम यादव, शिवदास, अयोध्या प्रसाद, अरुण कुुमार श्रीवास्तव, रामकेश यादव, कन्हैया लाल, शेषधर पांडेय आदि शामिल रहे।