संतकबीरनगर। फसलों को कई प्रकार के कीट-रोग से नुकसान होता है। इसे रोकने के किसान रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग कर रहे हैं। इसका दुष्प्रभाव पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। किसानों के लिए आईपीएम पद्धति अपनाना आवश्यक है। सोलर लाइट ट्रैप्स (प्रकाश प्रपंच) का प्रयोग रात्रि में उड़ने वाले कीटों के नियंत्रण के लिए किया जा सकता है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि फसलों में लगने वाले हानिकारक कीटों के जैविक नियंत्रण के लिए आईपीएम पद्धति पर आधारित सोलर लाइट प्रकाश प्रपंच का प्रयोग बहुत ही कारगर साबित होता है। सोलर लाइट ट्रैप्स एक साधारण ऊंचाई का लैंप पोस्ट है, जिसके ऊपर सौर पैनल लगा होता है। यह पैनल दिन में सूर्य के प्रकाश में चार्ज होता है तथा चार्ज होकर रात में प्रकाश उत्सर्जित करता है। सोलर लाइट ट्रैप्स से निकलने वाला प्रकाश, फसलों को हानि पहुंचाने वाले कीटों के वयस्क पतंगों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। इस ट्रैप के नीचे एक बड़ा पात्र लगा होता है, जिसमें पानी भर दिया जाता है, इस पानी में कुछ तेल या डीजल की बूंदें मिला कर रखते हैं। कीट प्रकाश जाल के पास आकर इसी पात्र में गिरते है ओर नष्ट हो जाते हैं।
इस तकनीक के माध्यम से बिना किसी कीटनाशक के छिड़काव किए हानिकारक कीटों नियंत्रण किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सोलर लाइट ट्रैप की कुल कीमत 635 रुपये है, जिस पर कृषि विभाग की ओर से 431 रुपये अनुदान कृषकों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए जाएंगे। इसकी खरीद के लिए किसानों को मात्र 204 रुपये खर्च करने होंगे। कृषि निदेशालय की ओर से सोलर लाइट ट्रैप्स की जनपद में 798 की आपूर्ति कराई गई है। प्रत्येक विकासखंडों में अवस्थित राजकीय बीज गोदाम, कृषि रक्षा इकाइयों पर इसकी उपलब्धता करा दी गई है।