नोक्ता गांव निवासी पीड़ित उमेश यादव पुत्र कपिलदेव यादव का आरोप था कि शुक्रवार की रात्रि 11.30 बजे वह घर के अंदर से लघुशंका करने के लिए बाहर निकले।
टहलते हुए घर से थोड़ी दूर दक्षिण सड़क के किनारे गए। उसी दौरान एक युवक पीछे से उनका मुंह दबोच लिया। उससे वह खीचातान कर ही रहे थे कि पीछे से तीन अन्य लोग पहुंचकर उन्हें दबोच लिए।
उसी दौरान वह आवाज देकर अपने परिवार के लोगों को जगाने का प्रयास किए तो उन्हें घसीटते हुए पास के सरसों के खेत में ले गए। जहां तीन और बदमाश खड़े थे। उन्होंने बताया कि उस दौरान उनसे बदमाशों की हाथापाई भी हुई। बदमाशों ने उन पर किसी हथियार से वार भी किया।
जिससे उनके बाए पैर और हाथ में चोटे आई। उसी बीच एक बदमाश स्प्रे का प्रयोग कर उन्हें बेहोश कर दिया। शोर सुनकर उमेश की मां और भतीजा मनोज यादव जग गए और शोर मचाए तो घर के अन्य सदस्य दौड़े तो बदमाश उन्हें छोड़ कर भाग निकले।
पीडब्लूडी के ठेकेदार भाई मंगलेश यादव अन्य परिवार के सदस्य के साथ ढूढ़ते हुए सरसों के खेत में गए, जहां उन्हें बेेहोशी की हाल में पाए। परिजन उन्हें सीएचसी नाथनगर ले गए, जहां उपचार हुआ तो उन्हें होश आया।
इस दौरान परिजन 100 नंबर पर फोन करने का कई बार प्रयास किए, लेकिन फोन नहीं लगा। गांव के ही रामनारायण यादव ने एसओ को फोन कर घटना की जानकारी दी,लेकिन रात में पुलिस नहीं पहुंची।
शनिवार की सुबह मुखलिसपुर चौकी पर तैनात सिपाही मिथलेश मिश्र घटना स्थल पर पहुंचे। बाद में बसपा नेता नीलमणि ने एसओ को पुन: फोन से घटना की जानकारी दी। उसके बाद एसओ संतोष तिवारी घटना स्थल पर पहुंचकर पीड़ित से पूछ ताछ कर जानकारी लिए। पीड़ित परिजन असमंजस की स्थिति में थे आखिर बदमाशों ने किस वजह से उमेश पर हमला किया।
बाद में क्षेत्र के आस-पास के गांवों के तमाम लोग पीड़ित के घर जुट गए। एसओ ने सूचना पर न पहुंचने के आरोप को निराधार बताया। आगे बताया कि घटना के संबंध में तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।