धनघटा। बकाया बिल वसूलने और बिजली चोरी पकड़ने के लिए जेई ने जो तरीका अपनाया, वह लोगों की नजर में गलत था। जेई अपने सहयोगी कर्मियों के साथ यदि पडोसी की छत से होकर व्यापारी के घर में न घुसे होते तो शायद इतना बड़ा विवाद नहीं हुआ होता। इस घटना को लेकर दोपहर से देर शाम तक माहौल गरम रहा। क्षेत्र में हर जगह सिर्फ इसी घटना की चर्चा लोग कर रहे थे। वहीं, दूसरी तरफ दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाकर कार्रवाई कराने के प्रयास में जुट रहे।
बिजली निगम के जेई अजय कुमार चौरसिया अपने सहयोगियों के साथ शनिचरा बाजार में बकाया बिल वसूलने और बिजली चोरी पकड़ने के लिए दोपहर करीब 12:00 बजे पहुंचे थे। जेई बकाया बिल की मांग करते हुए और बिजली चोरी पकड़ने के लिए उनके घर के बगल में स्थित मकान की छत से धर्मेंद्र कसौधन के घर में घुस गए। जेई और बिजली संविदा कर्मियों की इस हरकत को देखकर धर्मेंद्र कसौधन और उनके अगल-बगल के लोग आपा खो बैठे।
घर में घुसे जेई को कमरे में कैद करके उनकी पिटाई का आरोप लगा। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों का कहना है कि जिस समय पुलिस वहां पहुंची, उस दौरान वहां काफी भीड़ थी। जेई को कमरे में कैद करके रखा गया था। उन्हें कमरे से बाहर निकाल कर सुरक्षित थाने पर लाया गया। उधर जेई के थाने पर लाए जाने के बाद काफी संख्या में व्यापारी भी पहुंच गए। थानाध्यक्ष की गैर मौजूदगी में व्यापारी जेई के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग को लेकर दोपहर से शाम तक थाने पर जमे रहे। इस दौरान व्यापारी नेता और भाजपा के लोग भी थाने में पहुंचे। सीओ ब्रजेश सिंह मामले को शांत कराकर जांच के बाद केस दर्ज करने की बात कह कर किसी तरह भीड़ को थाने से बाहर कराए।