मगहर। मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमा को विसर्जित करने के लिए आमी नदी के तट पर अस्थाई पोखरे का निर्माण किया जा रहा है। इसकी तैयारी तेजी से चल रही है।
कोतवाली क्षेत्र के खलीलाबाद, मगहर कस्बे के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष विजयादशमी एवं दुर्गा पूजा समारोह का आयोजन किया जाता है। दशहरे के मौके पर मूर्ति को जुलूस के साथ नगर भ्रमण कराने के बाद आमी नदी में विसर्जन करने की परंपरा पूर्व में रह रही थी, जिससे नदियों में मूर्ति विसर्जन करने से उसका जल प्रदूषित हो रहा था। इसे देखते हुए आमी नदी पर स्थित धोबी घाट के पास अस्थाई पोखरे को तैयार किया जा रहा है। इसमें लगभग दो सौ प्रतिमाएं विसर्जित की जानी है। दशहरा से पहले पोखरे का नगर पंचायत प्रशासन द्वारा सफाई और खोदाई किया गया है। चेयरमैन प्रतिनिधि अनवारी बेगम ने बताया कि न्यायालय के आदेश के क्रम में पिछले सात वर्षों से कच्चा पोखरा बनाया जाता है। जिसमें मूर्तियों को सकुशल विसर्जित करने के लिए नगर पंचायत कर्मचारी लगाए जाते हैं।