धनघटा। पिछले दिनों डीएम महेंद्र सिंह तंवर की जिम्मेदारों के साथ हुई बैठक के बाद उपनिबंधन कार्यालय धनघटा का भवन निर्माण अधर में लटकने के आसार बढ़ गए हैं। दान के साथ विवादित भूमि में भवन बनाए जाने का खुलासा होने के बाद जिम्मेदार चुप्पी साधे हुए हैं।
विवादों में घिरे उपनिबंधन कार्यालय भवन निर्माण को लेकर पिछले दिनों डीएम ने एआईजी स्टाम्प, कार्यदायी संस्था के अलावा धनघटा तहसील के अधिवक्ताओं के साथ बैठक की। बैठक में डीएम ने आठ बिंदुओं पर जिम्मेदारों से सवाल किए। सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह था कि जब दान में मिली भूमि का रकबा अभिलेखों में 28 फुट चौड़ाई व 194 फुट लंबाई है तो भवन का निर्माण 56 फुट चौड़ाई व 57 फुट लंबाई में निर्माण कैसे किया जा रहा है।
डीएम द्वारा पूछे गए इस सवाल पर जिम्मेदारों को मुश्किल में डाल दिया है। दूसरी तरफ उक्त प्रकरण पर उपजिलाधिकारी ने भी नोटिस जारी कर भवन निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था से जवाब मांगा है। धनघटा तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह ने बताया कि भवन निर्माण स्थल विवादित है। न्यायालय के स्थगन आदेश के बाद उक्त जमीन पर भवन का निर्माण किया जाना गैर कानूनी है।