संतकबीरनगर। जिले में 35 किलोमीटर तक रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण का कार्य होना है। इसमें करीब 25 किलोमीटर काम हो चुका है। यह कार्य तीन जून तक पूरा होना था, लेकिन 54 गांव के किसानों को मुआवजा नहीं मिला। बस्ती जिले के अधिकारियों को मुआवजा देना है, लेकिन उन्होंने मुआवजे की पूरी रकम नहीं भेजी। इससे मार्ग का निर्माण जगह-जगह अधर में लटका है। मामले में डीएम ने बस्ती जनपद के भूमि अध्याप्ति अधिकारी को पत्र लिखकर नाराजगी जताई और मुआवजे की रकम भेजे जाने को कहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 227 ए राम जानकी मार्ग के किलोमीटर 55 से किलोमीटर 90 तक टू लेन विद पेव्ड शोल्डर के अंतर्गत चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है। इसमें किसानों की भूमि अधिग्रहण का मुआवजा देने और निर्माण कार्य में आ रही अन्य बाधा को दूर किया जाना है, लेकिन इसको लेकर गंभीरता नहीं दिख रही है। ऐसे में डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठकर जानकारी ली तो पता चला कि परियोजना में कुल 131 संपत्तियों को हटाया जाना है। कुल 46 गांवों के सापेक्ष 60.19 करोड़ की धनराशि प्राप्त कराई गई है। लेकिन अभी तक 30.99 करोड़ धनराशि का ही वितरण किया जा सका है। अवशेष प्रतिकर की धनराशि का भुगतान न होने से कार्य में बाधा आ रही है। परियोजना में टोल प्लाजा में प्रस्तावित गांव सिरसी, पटखौली व भैसा टीकर के ग्रामों में प्रभावित भूमि का प्रतिकर भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना है।
मामले में एसडीएम धनघटा उत्कर्ष श्रीवास्तव का कहना है कि परियोजना में प्रस्तावित कुल 46 ग्रामों के सापेक्ष 59 करोड़ का हिस्सा विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी बस्ती को प्राप्त करा दिया गया है। योजना में अभी तक 35 करोड़ के फार्म सीसी प्राप्त कराया जा चुका है। योजना में कुल 8418 भू- स्वामी प्रभावित हैं। इसमें 2469 भू- स्वामियों का प्रतिकर भुगतान भू अध्याप्ति अधिकारी बस्ती द्वारा किया गया है, जबकि भू- अध्याप्ति अधिकारी ने जो रिपोर्ट दी है, उनके मुताबिक 46 ग्रामों के सापेक्ष 67.37 करोड़ की धनराशि के लिए अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग एनएच डिवीजन बस्ती को पत्र प्राप्त कराया। इसके सापेक्ष 60.20 करोड़ की धनराशि प्राप्त हुई हैं। शेष धनराशि अभी तक प्राप्त नहीं कराई गई है। प्राप्त धनराशि के सापेक्ष 30.90 करोड़ की धनराशि का वितरण हो चुका है।
रामजानकी मार्ग के निर्माण की समीक्षा की गई है। इसमें जो भी दिक्कत है, उसे दूर कर कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
महेंद्र सिंह तंवर- डीएम