धनघटा। तहसील परिसर धनघटा में उपनिबंधक कार्यालय भवन निर्माण को लेकर सोमवार को अधिवक्ताओं ने एसडीएम से मुलाकात कर विरोध जताया। कहा कि मौके पर चल रहे निर्माण कार्य को रोका जाए।
एसडीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए नायब तहसीलदार व हल्का लेखपाल को मौके पर भेज कर भूमि की पैमाइश करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही कार्य को रोकवा दिया। रविवार को भवन निर्माण होने की सूचना को लेकर वकीलों में भारी आक्रोश दिखा। सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह, प्रेम नरायन मिश्र, शिव प्रकाश राय, भीम राय, वीरेंद्र तिवारी, जयप्रकाश तिवारी आदि अधिवक्ता ने एसडीएम से गुपचुप तरीके से चल रहे उपनिबंधक कार्यालय भवन निर्माण को फौरन रोकने की मांग किया।
अधिवक्ताओं के विरोध को देखते हुए एसडीएम अरुण कुमार ने नायब तहसीलदार वेद प्रकाश दुबे को मौके पर भेजकर निर्माण कार्य रूकवा दिया। इस बीच एसडीएम ने हल्का लेखपाल को भेजकर विवादित भूमि की पैमाइश करवाई।
28 की जगह 45 फुट जमीन में हो रहा था निर्माण : मौके पर चल रहे उपनिबंधक कार्यालय भवन के निर्माण में काश्तकारों की भूमि को कब्जे में लेने का मामला सामने आया। जानकारी के अनुसार उत्तर से दक्षिण तक दान में मिली 28 फुट चौड़ाई में भवन का निर्माण का नक्शा स्वीकृत किया गया।
लेकिन सोमवार को हुई पैमाइश में पाया गया कि नक्शे में स्वीकृत 28 फुट की जगह 45 फुट जमीन में निर्माण कार्य किया जा रहा है। पैमाइश से यह बात भी सामने आई कि अगल बगल के काश्तकार की भूमि को गलत ढंग से भवन निर्माण में शामिल कर लिया गया है।